बिजली की अघोषित कटौती से भड़के सैकड़ों किसान, सड़क पर लगाया जाम

बिजली की अघोषित कटौती से भड़के सैकड़ों किसान, सड़क पर लगाया जाम

सिहोरा संभागीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले पोडा सब स्टेशन का मामला : सिहोरा-मझौली-लमकना मार्ग को किया बंद, मौके पर पहुंचा सिहोरा पुलिस थाने का बल


सिहोरा 

थ्री फेस बिजली की अघोषित कटौती के कारण उड़द-मूंग किस सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से आक्रोशित किसानों ने पोंडा सब स्टेशन पर सोमवार रात सैकड़ों सिहोरा-मझौली-लमकना रोड पर जाम लगा। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने खेतों में मूंग और उड़द की फसल बो तो दी, लेकिन 10 घंटे बिजली सिंचाई के लिए नहीं मिल रही है। दिनभर की ट्रिपिंग और अघोषित कटौती से किसान अपनी फसलों की सिंचाई कैसे कर पाएगा। अधिकारियों को अघोषित कटौती और ट्रिपिंग के लिए फोन लगाया जाता है तो कहा जाता है कि मेंटेनेंस का काम चल रहा है या कहीं फाल्ट है। 

इन गांवों के हो रही अघोषित कटौती,  किसान त्रस्त 

सिहोरा संभागीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले पोडा सब-स्टेशन से जुड़े  लमकना, पोडा, पोड़ी, रिवंझा, गोंडी, सगोड़ी, भीटा, हरसिंघी, सुनगवां, आलासूर (सिमरिया), जुनवानी सहित 25 गांवों में बिजली की आपूर्ति होती है। पिछले एक सप्ताह के दौरान सिंचाई के लिए दी जाने वाली थ्री फेस बिजली की अघोषित कटौती के कारण किसानों मूंग-उड़द की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। कई बार अधिकारियों को जानकारी देने के बाद भी कटौती पर लगाम नहीं लग रही थी जिसके चलते किसानों का सब्र जवाब दे गया। 

आक्रोशित किसानों ने जमकर की नारेबाजी, सड़क पर रोके वाहन

रात करीब 8:30 बजे के लगभग गांव के सैकड़ों किसान सिहोरा-मझौली-लमकना मार्ग पर इकट्ठे हो गए और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। के साथ ही रास्ते से गुजरने वाली बस और दूसरे वाहनों को रोक दिया। किसान मौके पर कार्यपालन यंत्री एसडीएम को बुलाने की मांग पर अड़े थे। मामले की जानकारी लगते ही सिहोरा थाने का पुलिस बल मौके पर पहुंचा और किसानों को समझाने की कोशिश की लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े हुए थे। काफी देर तक मान मनोबल के बाद अधिकारियों ने फोन पर किसानों से बात की और उन्हें आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा तब कहीं जाकर किसानों ने जाम खोला।


इनका कहना 

किसानों द्वारा बिजली की अघोषित कटौती को लेकर जाम लगा दिया गया था। फोन पर किसानों से बात कर उनकी मांगों का जल्द से जल्द निराकरण किए जाने की बात कही गई जिसके बाद किसान अपने घरों की ओर लौट गए।

आशीष पांडे, एसडीएम सिहोरा
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