अधिकारियों की अनदेखी से बट गया कीड़ा व मिट्टी वाला गेहूं

अधिकारियों की अनदेखी से बट गया कीड़ा व मिट्टी वाला गेहूं
अब जांच का आश्वासन दे रहे अधिकारी

खाद्य विभाग के अधिकारी बने बेपरवाह :  आवंटन में भी कटौती, हिरदेनगर राशन दुकान का मामला

सिहोरा

 सिहोरा तहसील के अंतर्गत संचालित राशन दुकान हिरदेनगर में सोमवार के दिन कीड़ा लगा एवं मिट्टीयुक्त गेहूं बटने से हडकंप की स्थिति निर्मित हो गई। तहसील व जिले के खादय अधिकारियों की अनदेखी के कारण राशन दुकान हिरदेनगर में बड़ी मात्रा में अमानक स्तर का घटिया क्वालिटी गेहू पहुंचाया गया। जिसे राशन दुकान संचालक द्वारा गरीबों को बांट दिया गया। मजबूरी में गरीबों को यह घटिया गेहू लेना पड़ा। हितग्राहियों के मुताबिक  गेहूं खाने योग्य नहीं है, वही राशन दुकान संचालक का कहना है की जैसा खाद्यान्न आया है वैसा हम बांटते हैं। हमने खराब गेहूं की जानकारी संबंधित वरिष्ठो को दे दी थी, परंतु हमारी बात नहीं सुनी गई।


बोरियों में बिलबिला रहे थे कीड़े

वही अनेक बोरियों में कीड़े बिलबिला रहे थे। राशन दुकान हिरदेनगर में लगभग 500 कार्डधारी हैं परंतु यहां पर अच्छा गेहू न पहुंचने के कारण मजबूरी में लोगों को घटिया स्तर का गेहूं लेना पड़ा। जब कार्ड धारियों ने घटिया गेहू लेने से इनकार किया तो सेल्समैन ने कहा की जो गेहूं आया है वही लेना पड़ेगा, नहीं तो अगले महीने ले लेना। वही जब इस मामले की जानकारी हमारे प्रतिनिधि को लगी तो उन्होंने राशन दुकान जाकर देखा गरीबों की गेहूं में कीडे के साथ मिट्टी बड़ी मात्रा में थी एवं कटे-फटे दाने भी बहुतायत मात्रा में थे।

 मजबूरी में इसी गेहूं से पेट की भूख बुझाएंगे

 वही गरीबों का कहना है की मजबूरी में इसी गेहूं से पेट की भूख बुझाएंगे। जहां एक ओर केंद्र ओर प्रदेश की सरकार गरीबों को मुफ्त व अच्छा खाद्यान्न वितरण की योजना चला रही है। वही दूसरी ओर तहसील के खाद्य अधिकारी की अनदेखी के कारण अनेक राशन दुकानों में घटिया स्तर का गेहूं पहुंचाया गया है।  ग्राम के लोगों का कहना है की राशन दुकान भेजे गए खाद्यान्न का परीक्षण करना खादय विभाग के अधिकारियों का काम है। परंतु वातानुकूलित दफ्तर में बैठे खादय विभाग के अधिकारी फील्ड में जाने की बजाए शिकायतों का इंतजार करते रहते है। जब इस मामले की खबर वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची तो अधिकारी जांच कराने का आश्वासन दे रहे हैं। अब सवाल यह खड़ा होता है की जब गरीबों को गेहूं बांट दिया गया तो अब जांच किस बात की होगी चिलचिलाती दोपहरी में महीने भर का राशन पाने के लिए लाइन में लगे गरीबो का जब नंबर आया तो उन्होंने इस घटिया गेहूं को देखकर विरोध प्रकट किया।

इनका कहना

मैं इस मामले की एसडीएम के माध्यम से
जांच करवाता हूं कि आखिर हितग्राहियों को घटिया गेहूं कैसे दुकान संचालक ने बांट दिया। 
 डॉ. इलैयाराजा टी, कलेक्टर जबलपुर

मुझे आपके द्वारा जानकारी मिली है मैं अभी संबंधित राशन दुकान विक्रेता से जानकारी लेती हूं।

पल्लवी जैन, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सिहोरा
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