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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली मे रात्रि के समय मरीज "भगवान भरोसे"

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली मे रात्रि के समय मरीज   "भगवान भरोसे"
 ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर ने चस्पा कराया आदेश चिकित्सकों की कमी के कारण रात्रि कालीन सेवाएं आगामी आदेश तक बंद रहेंगी

मझौली

जबलपुर जिले की मझौली तहसील का है जहां पर बीएमओ पारस ठाकुर के आदेश पर ओपीडी रूम के दरवाजे पर एक आदेश चस्पा किया गया है। जिसमे जिसमें यह लिखा गया है डॉक्टरों की कमी के कारण 4 अप्रैल से रात्रि कालीन सेवाएं  आगामी आदेश तक बंद रहेगी।

 शासन प्रशासन के द्वारा बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं कि हम  स्वास्थ्य सेवाओं पर  विशेष रूप से ध्यान दे रहे हैं और किसी भी प्रकार से इसमें कोई कमी नहीं रहेगी। परंतु सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है
शासन-प्रशासन के दावे पूरी तरह गलत

 मझौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में यह आदेश साबित करता है कि शासन प्रशासन के द्वारा किए जा रहे दावे गलत है। यदि वर्तमान परिस्थिति में कोई इमरजेंसी केस रात्रि कालीन समय में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली पहुंचता है तो उस मरीज को देखने के लिए अस्पताल में कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं होगा। इसकी जवाबदारी किसकी होगी यह एक महत्वपूर्ण सवाल है।

इनका कहना 

कोविड के समय पांच डॉक्टर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली में आए थे, जिनकी समय अवधि पूरी होने पर उनका बॉन्ड खत्म हो गया है हॉस्पिटल में अब सिर्फ दो ही डॉक्टर हैं। जिसमें डॉक्टर आरके व्यास का स्वास्थ्य लगातार खराब रहता है। ऐसे में रात्रि कालीन सेवाएं देना संभव नहीं हो पा रहा है। 

डॉ. पारस ठाकुर, बीएमओ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली