जीवनदायिनी नदी हिरण खुद तरस रही जीवन के लिए

जीवनदायिनी नदी हिरण खुद तरस रही जीवन के लिए

रेत के लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से सूखने की कगार पर पहुंची हिरण नदी, गर्मी की शुरूआत ही में गहराने लगा जल संकट, कुछ ही दिनों की आपूर्ति के लिए बचा पानी

सिहोरा 

सिहोरा अंचल की जीवन रेखा हिरण नदी खुद जीवित रहने के लिए तरस रही है। नदी में लगातार हो रहे रेत के अवैध उत्खनन के चलते हिरण नदी सूखने के कगार पर पहुंच गई है। हालात यह है कि हिरण नदी के खितौला घाट में सिर्फ कुछ दिन की जलापूर्ति के लिए ही पानी शेष बचा है। जबकि अभी सिर्फ गर्मी की शुरूआत भर है। अभी जब यह स्थिति बनी है तो आप खुद ही सोच सकते हैं कि मई माह में क्या होगा?

जानकारी के मुताबिक अंचल की जीवन रेखा हिरण नदी में लगातार हो रहे रेत के अवैध उत्खनन के चलते गर्मी के शुरुआती चरण में ही सूखने लगी है। जिसके चलते सिहोरा और खितौला के 18 वार्डों में जल संकट गहराने लगा है। मालूम रहे कि नगर में  खितौला घाट स्थित नगरपालिका के फिल्ट्रेशन प्लांट से जलापूर्ति होती है। लेकिन लगातार घटते हिरण नदी के जलस्तर ने अभी से लोगों की चिंता बढ़ा दी है। 

अस्थाई डैम पूरी तरह सुखा, देखने लगे पत्थर और मिट्टी

हिरण नदी में किस तरीके से लगातार जलस्तर कम होने से वह सूखने की कगार पर पहुंच गई है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि खितौला स्थित नगर पालिका के फिल्ट्रेशन प्लांट के पास बने अस्थाई डैम के आसपास का क्षेत्र पूरी तरह सूख गया है। नीचे की तलहटी से पत्थर और मिट्टी साफ दिखाई दे रहे हैं। 

हर साल बनती है यही स्थिति

हिरण नदी में हो रहे लगातार अवैध उत्खनन के कारण हर साल गर्मी के मौसम में हिरण नदी सूखने की कगार पर पहुंच जाती है। पिछले कुछ वर्षों की बात की जाए तो वर्ष 2016 से लेकर लगातार हिरण नदी का जलस्तर कम हो रहा है और वह सूख जाती है। 


क्या कहते हैं जिम्मेदार

यह बात सही है कि खितौला हिरण नदी घाट के अस्थाई डैम मैं लगातार पानी कम होने के कारण सूखने की स्थिति बन गई है। बरगी दाएं तट नहर से हिरण नदी में पानी छोड़े जाने के लिए नर्मदा विकास संभाग को पत्र लिखा गया है। जल्द ही नदी में पानी छोड़े जाने से जल आपूर्ति में सुधार हो जाएगा।


जय श्री चौहान, मुख्य नगरपालिका अधिकारी सिहोरा
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