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18 साल के लड़के की 21 साल की लड़की से होने जा रहा था बाल विवाह

18 साल के लड़के की 21 साल की लड़की से होने जा रहा था बाल विवाह
मझौली तहसील के कांकरदेही मामला : मौके पर पहुंची महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम, समझाइश के बाद माने परिजन


मझौली

मझौली तहसील की ग्राम पंचायत कांकरदेही में 18 साल के लड़के के साथ 21 की लड़की का बाल विवाह दो दिन बाद होने वाला था। बाल विवाह की खबर महिला बाल विकास विभाग की टीम को कंट्रोल रूम से सोमवार को लगी। मौके पर पहुंचे महिला एवं बाल विकास अधिकारी मौके पर पहुंचे। टीम ने परिवार की काउंसलिंग कर बाल विवाह अधिनियम के प्रावधानों और और कानून द्वारा तय की गई सजा से परिवार जनों को बताया। आखिरकार परिजन काउंसलिंग के के बाद बाल विवाह नहीं करने को तैयार हुए तब कहीं जाकर महिला बाल विकास विभाग की टीम ने राहत की सांस ली। 

ये है पूरा मामला 

परियोजना अधिकारी मझौली इंद्र कुमार साहू ने बताया कि कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि कांकरदेही ग्राम पंचायत में राकेश भूमिया के पुत्र रंजीत भूमिया जिसकी उम्र लगभग 18 वर्ष है का विवाह शिवप्रसाद भूमिया की बेटी गुलाब बाई (21 वर्ष) के साथ दो दिन बाद होने वाला है। 


मौके पर बनाया पंचनामा परिजनों ने दी लिखित सहमति

मौके पर दिलीप पटेल सहायक ग्रेड 3, प्रशांत खरे, सुपरवाइजर नगीना सैनी, वंदना राय, लक्ष्मी कुचबंधिया द्वारा परिवार वालों की काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग के दौरान परिजनों को बाल विवाह अधिनियम 2006 के प्रावधानों को बताया गया कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। यह भी बताया गया कि यदि वह यह शादी करते हैं तो आप को कानूनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। लंबी समझा इसके बाद परिजनों द्वारा लिखित में पंचनामा दिया गया कि वह निर्धारित आयु पूर्ण होने के बाद ही अपनी बेटे का विवाह करेंगे। मालूम रहे कि इसके पहले भी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सिहोरा में एक बाल विवाह रुकवाया गया था।
                   
एसडीएम ने टीम गठित, अक्षय तृतीया पर कड़ाई से रोके जाएंगे बाल विवाह

मंगलवार को अक्षय तृतीया पर सिहोरा और मझौली तहसील में होने वाले बाल विवाह को रोकने के लिए एसडीएम सिहोरा आशीष पांडे की अध्यक्षता में महिला बाल विकास विभाग के अलावा सीईओ जनपद पंचायत, तहसीलदार, खंड चिकित्सा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, पुलिस निरीक्षक थाना को सदस्य के रूप में टीम में शामिल किया है। टीम लगातार सिहोरा और मझौली तहसील में निगाह रखेगी। किसी भी स्थिति में बाल विवाह होने की सूचना पर टीम मौके पर पहुंचेगी और परिजनों की काउंसलिंग करेगी। परिजनों के नहीं मानने पर उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कानून के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जाएगी।