जिले के शिक्षकों को 22 करोड़ रुपये के फर्जी एरियर्स बांटा, तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ ने बिना गणना कराएं करा दिया भुगतान

सीता टंडन जांजगीर 

जिले के शिक्षकों को 22 करोड़ रुपये के फर्जी एरियर्स का  भुगतान  तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ ने बिना गणना कराएं करा दिया भुगतान

कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री तक हो सकती है शिकायत

जांजगीर / जिले के समस्त विकास खण्ड के शिक्षकों को जिला पंचायत के तत्कालीन सीईओ के द्वारा बिना गणना करवाये कुछ ब्लाक में करोड़ो रूपये सीधे शिक्षकों के बैंक खाता में भेज दिए और कुछ ब्लाक के जनपद सीईओ के माध्यम से करोड़ो रूपये का भुगतान किया गया है जानकारी के अनुसार किसी भी शिक्षक को एरियर्स की राशि देने का लिखित आदेश नही मिलना है उसके बावजूद भी  कमीशन की लालच दलालों को एवं तत्कालीन सीईओ और एकांउटर को भनक पड़ी तो कूद बैठे और मोटी रकम लेकर एरियर्स बाट दिए है लेकिन किसी को भी शासकीय राशि की भनक नही पड़ी है इतनी बड़ी मोटी रकम शासन को चुना लगाने के बाद भी छत्तीसगढ़ के सरकार को संज्ञान में नही लेना समझ से परे हुए है जानकारी के अनुसार जिले का मालखरौदा,अकलतरा,पामगढ़, बलौदा,बम्हनीडीह, नवागढ़,सक्ती, डभरा,जैजैपुर विकासखंड में 22 करोड़ रुपये की एरियर्स के नाम पर राशि शिक्षकों को वितरण तत्कालीन सीईओ ने कर दिया है लेकिन आज पर्यन्त तक किसी जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के अधिकारी और न ही सरकार ने इतने बड़ी करोड़ो रूपये की रकम का बंदरबाट होने के बावजूद संज्ञान में नही लेना समझ से परे हुए है

जैजैपुर विकासखंड की शिकायत पर वसूली की हुई कार्यवाही

आपको बता दे कि जैजैपुर विकासखंड में फर्जी एरियर्स भुगतान की शिकायत दो वर्ष पूर्व किया गया था जिसकी जाँच लंबी चली लेकिन अंतिम में अधिकारीयो की मजबूरी कहे या जरूरी कार्यवाही करने में मजबूर हुए नियम विरुद्ध थोक के मात्र में करोड़ो रूपये की फर्जी भुगतान तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जांजगीर एवं तत्कालीन एकाउंट आफिसर की मिलीभगत से शिक्षकों के सीधे खाते में राशि भेज दिया गया था कथाकथित अधिकारी कर्मचारियो द्वारा मामला को दबाने का भरपूर प्रयास किया गया लेकिन 496 शिक्षकों का एरियर्स भुगतान फर्जी पाए जाने के कारण वसूली की आदेश किया गया अब यह देखना होगा कि फर्जी एरियर्स की राशि विकासखंड शिक्षा अधिकारी कब तक वसूल पाते है या वसूली आदेश कचरे की डब्बा में चले जाते है

शिक्षा शाखा के संविदा कर्मचारी से पड़ रहे अधिकारी भारी

आपको बता दे कि यह एरियर्स के नाम पर करोड़ो रूपये की बंदरबांट शिक्षा शाखा जिला पंचायत के एक कथाकथित महिला संविदा कर्मचारी लंबे समय से एक ही शाखा में बैठाए रखे है और नए नए कारनामे करती रहती हसि इनके सामने अधिकारी भी शायद हार मान बैठे होंगे जिसके कारण इस संविदा कर्मचारी की मनोबल इतनी बड़ी हुई है कि शिक्षक के साथ जनप्रतिनिधियों सब थर्राए हुए है इनके द्वारा न तो सूचना के अधिकार में जानकारी देना उचित समझती न ही सीधे मुह से बात करती लगातार गुमराह करते रहने में माहिर है ऐसे संविदा कर्मचारियों की शाखा बदल देनी चाहिए लेकिन संविदा कर्मचारी पर अधिकारी की एक न चलती है जिसके कारण इनकी मनोबल इतनी बढ़ी हुई है कि यह शाखा में जब से यह पदस्थ है तब से आज पर्यन्त तक शिक्षा शाखा में कितनो की बंदरबांट और मूल समस्त दस्तावेज की जाँच की आवश्यकता है ताकि काली कारनामा उजागर हो सके


एरियर्स की नाम पर शिक्षा मद की राशि का भुगतान किया गया है लेकिन जैजैपुर ब्लाक की शिकायत प्राप्त हुए थे जिसकी जांच भी हुई है फर्जी भुगतान की वसूली का आदेश विकासखंड शिक्षा अधिकारी जैजैपुर को जिला शिक्षा अधिकारी सक्ती द्वारा किया गया है बाकी विकासखंड की शिकायत मिलने पर जांच करवाया जाएगा।
गजेंद्र सिंह ठाकुर
मुख्य कार्यपालन अधिकारी
जिला पंचायत जांजगीर
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