80 वर्षीय वृद्ध पिता के पैर धोकर माफी मांगने पर मकान से बेदखल, प्रताड़ित करने का प्रकरण समाप्त

80 वर्षीय वृद्ध पिता के पैर धोकर माफी मांगने पर मकान से बेदखल, प्रताड़ित करने का प्रकरण समाप्त

सिहोरा एसडीएम न्यायालय में पुत्र ने पिता के पैर धुले

सिहोरा

80 वर्षीय वृद्ध पिता को पुत्र द्वारा मकान से बेदखल करने तथा प्रताड़ित करने की जांच व कार्रवाई कर कब्जा वापस दिलाए जाने की शिकायत पर पुत्र ने प्रकरण प्रस्तुत होते ही अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा आशीष पांडे के समक्ष कार्यालय में अपने पिता के पैर धोकर माफी मांगी गई। जिस पर पिता द्वारा संतुष्ट होने पर प्रकरण को समाप्त कर नस्तीबद्ध कर दिया गया।
 प्रकरण के अनुसार ग्राम ह्रदयनगर थाना गोसलपुर निवासी वृद्ध आनंद गिरी पिता स्वर्गीय शंकर गिरी गोस्वामी उम्र 80 वर्ष द्वारा न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा को  लिखित शिकायत की गई थी कि पुत्र रामेश्वर गिरी पिता आनंद गिरी उम्र 42 वर्ष एवं बहु सुलोचना द्वारा मकान पर जबरन कब्जा कर बेदखल कर प्रताड़ित कर रहे थे। जिस पर 80 वर्षीय वृद्ध ने जाँच कर मकान का कब्जा वापस दिलाये जाने का निवेदन किया गया था।


यह थी शिकायत

 आवेदक आनंद गिरी द्वारा शिकायत की गई थी कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा सन 2016 में ग्राम हृदयनगर पटवारी हल्का नंबर 22 तहसील सिहोरा में आबादी खसरा नंबर 459 में 750 वर्ग फुट मकान का पट्टा दिया था जिस पर आवेदक द्वारा एक कमरा, एक किचन,लेटबाथ, आंगन और बाउंड्री वाल बनाई गई थी जिस पर उसके पुत्र तामेश्वर व उसकी पत्नी सुलोचना द्वारा गाली-गलौज जान से मारने की धमकी देकर निकाल दिया गया था तथा गला दबाने की भी कोशिश की गई। जिससे डर के कारण वृद्ध पिता मारा-मारा फिर रहा था, अपने पुत्र तथा बहु के कार्य व्यवहार से दुखी होकर पिता ने न्याय की प्रत्याशा में अनुविभागीय विभागीय अधिकारी सिहोरा को लिखित शिकायत दी थी तथा न्याय की गुहार लगाई थी।

प्रकरण पेश पुत्र ने पिता के पैर धोकर माफी मांग ली

 न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा में प्रकरण देश होने पर आवेदक पिता एवं अन आवेदक पुत्र उपस्थित हुए।जिस पर आवेदक आनंद गिरी द्वारा न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा के समक्ष व्यक्त किया गया है कि मेरा व अनावेदक पुत्र तामेश्वर गिरी का समझौता हो गया है नए प्रकरण में आगे कारवाही नहीं चाहता हूं अतः प्रकरण समाप्त कर दिया जाए।
अनावेदक पुत्र द्वारा अपने पिता के पैर धोकर  माफी मांगी गई पिता के संतुष्ट होने पर अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा ने प्रकरण समाप्त कर नस्तीबद्ध किया गया।
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