उपयंत्री के नहीं होने से ठेकेदार मनमाने तरीके से बना रहे पानी की टंकियां

उपयंत्री के नहीं होने से ठेकेदार मनमाने तरीके से बना रहे पानी की टंकियां 
जल जीवन मिशन : लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उप संभाग सिहोरा का मामला, ग्रामीणों का आरोप-भभुआ रेत का हो रहा है इस्तेमाल, सीमेंट, गिट्टी और लोहे में भी गड़बड़झाला, 1 दर्जन से अधिक गांव में चल रहा निर्माण कार्य

सिहोरा 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गांव के हर घर में पीने का पानी पहुंचाने की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उप संभाग सिहोरा में उपयंत्री के नहीं होने से ठेकेदार पूरी तरह पलीता लगाने में लगे हैं। जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत बनाई जाने वाली टंकी के निर्माण में ठेकेदार मनमानी पर उतारू हैं। इसका सबसे बड़ा कारण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में किसी उपयंत्री का नहीं होना है। योजना के तहत सिहोरा के एक दर्जन गांव में टंकी का निर्माण चल रहा है, लेकिन निर्माण कार्य में ठेकेदार किस किस्म की रेत गिट्टी और सीमेंट का इस्तेमाल कर रहा है यह देखने वाला कोई भी नहीं है। वहीं विभाग के जिम्मेदार एसडीओ ऑफिस में बैठकर कूलर की ठंडी हवा खा रहे हैं।


जानकारी के मुताबिक जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत बनने वाली टंकी के निर्माण में ठेकेदार भभुआ रेत का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो पूरी तरह टेंडर के नियमों का खुला उल्लंघन है। इसी तरह सीमेंट, गिट्टी, और लोहे में भी मनमाना काम चल रहा है। पोड़ी कला ग्राम में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पीने की पानी की टंकी बन रही है गांव के पूर्व सरपंच दिलीप साहू, अजीत मिश्रा, राजेश तिवारी, भागचंद्र नामदेव, गौरी शंकर दुबे ने बताया कि ठेकेदार मनमाने तरीके से काम तो कर ही रहा है। सीमेंट के पक्के निर्माण स्लैब और सीढ़ियों में सिंचाई तक नहीं कराई जा रही है ऐसे में यह निर्माण कितने दिन चलेगा कह नहीं सकते। ऐसे में अगर यह टंकी गिर जाए और कोई हादसा हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा। उपयंत्री के नहीं होने से यहां कोई निर्माण कार्य कैसे हो रहा है झांकने तक नही आता। 

सिहोरा में इन गांवों में चल रहा टंकी निर्माण का काम

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उप संभाग सिहोरा के अंतर्गत आने वाले देवनगर में एक लाख लीटर, मिढ़ासन 75 लाख लीटर, बेला 75 लाख लीटर, झांसी 75 लाख लीटर, बुधारी 75 लाख लीटर, भंडरा 75 लाख लीटर, कुशयारी 50 लाख लीटर, तिघरा 50 लाख लीटर, देवरी 75 लाख लीटर, कचनारी 40 लाख लीटर की टंकी का निर्माण हो रहा है। यहां भी क्रम से यही स्थिति है कि उपयंत्री के नहीं होने से ठेकेदार मनमाने तरीके से टंकी और दूसरे निर्माण कार्य में लगे हैं।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

जल जीवन मिशन के अंतर्गत टंकियों का निर्माण टेंडर के नियमों के तहत ही ठेकेदार को करना है। टंकी निर्माण में भभुआ रेत का इस्तेमाल, तराई की व्यवस्था नहीं करने वाले ठेकेदारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। शासन के नियमों के अनुसार ही टंकी सहित बाकी काम पूरे करने हैं।

डीपी मगोरे, कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जबलपुर
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