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पर्यावरणीय लोक जनसुनवाई में लोगो ने कहा खदानों से व्यर्थ बहाए जा रहे पानी को बुढ़ानसागर तालाब में छोड़ा जाए

पर्यावरणीय लोक जनसुनवाई में लोगो ने कहा खदानों से व्यर्थ बहाए जा रहे पानी को बुढ़ानसागर तालाब में छोड़ा जाए


सिहोरा 
 स्थानीय ग्राम धमकी स्थित मैसर्स सागर स्टोन इंडस्ट्रीज आयरन और बेनेफिशरी प्लांट धमकी मैं बेनेफिशरी प्लांट की उत्पादन क्षमता 90000 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 4,80000 मीट्रिक टन करने हेतु स्थानीय सागर इंडस्ट्रीज प्लांट प्रांगण में लोक जनसुनवाई का आयोजन किया गया था। जिसमें मुख्य अतिथि जबलपुर एडीएम सुश्री विमलेश सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री आशीष पांडे अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा श्री राहुल मेश्राम नायब तहसीलदार मझगवां के साथ जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी आलोक जैन डॉ एस के खरे अनिल तिवारी एवं स्थानीय राजस्व अमले की उपस्थिति में लोक जनसुनवाई आयोजित की गई।जिसमें बेनेफिशरी प्लांट की उत्पादन क्षमता बढ़ाए जाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान एवं प्रदूषण को कम कर प्राकृतिक संरचना को बनाए रखने के लिए लोगों से दावे आपत्ति मंगाए गए। जिस पर स्थानीय धमकी बम्होरी के किसानों एवं नागरिकों ने अपने अपने सुझाव दावे एवं आपत्तियां पेश की जिसका निराकरण एडीएम एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। दावे आपत्ति के संबंध में अपने विचार रखते हुए स्थानीय समाजसेवी एवं पत्रकार ओम समद पर्यावरण विशेषज्ञ मनीष कुलश्रेष्ठ पूर्व जनपद सदस्य मोहनलाल चौरसिया सरपंच अजय कोरी आदि ने अपने विचार एवं सुझाव रखे। खदानों के दिन ब दिन गहरा होने से ग्राम धमकी एवं बम्होरी में पीने के पानी की विकराल समस्या उत्पन्न हो गई है। जिसे दूर करने के लिए स्थानीयजनों ने सुझाव दिया कि 1 एक महत्वपूर्ण परियोजना बनाकर जिसमें गड्ढों एवं पक्की नालियों के द्वारा पानी की विशाल जलराशि को एकत्रित कर प्राकृतिक रूप से छानकर बुढ़ानसागर तालाब में पहुंचाया जाए ।


 जिससे आसपास के 20-25 गांव का जल स्तर यथावत बना रहे। क्योंकि बेतहाशा खनन होने से विशाल जल राशि बहा दी जाती है, जिसका कोई उपयोग नहीं होता। अतः लोगों ने सुझाव रखा की उक्त विशाल जल राशि का समुचित उपयोग क्षेत्र के कुओं तालाबों का जल स्तर बनाए रखने एवं खेती में उपयोग करने हेतु शासन स्तर पर एक बृहद जल परियोजना बनाकर सरकार को भेजी जाए और उस पर अमल किया जाए। ताकि क्षेत्र में कभी जल संकट की स्थिति उत्पन्न ना हो।साथ ही मांईस एवं प्लांटों में आने जाने वाले विशाल वाहनों से होने वाले ध्वनि एवं डस्ट प्रदूषण से बचने के लिए गांधीग्राम से बम्होरी एवं धमकी के 3 किलोमीटर का अलग फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाए। जिससे प्रदूषण कम होने के साथ-साथ लोगों का आवागमन भी सुलभ हो सके। एनएचएआई बाईपास गांधीग्राम से बम्होरी जाने वाले मार्ग पर उड़ने वाली डस्ट पर पानी सिंचने की बजाए, ब्रश वाली गाड़ियां चलाकर डस्ट को ब्रश से साफ किया जाएi जिससे गीली एवं चिकनी  मिट्टी पर फिसल कर राहगीर ना गिरें साथ ही रोड पर उभरने वाले ब्रेकरों से बचा जा सके।जिससे कम से कम से कम स्वास्थ्य हानि हो सके। प्लांटों में होने वाले वृक्षारोपण पर स्थानीयजनों ने खुशी जाहिर की साथ ही पुराने वृक्षों के संरक्षण के लिए एक कार्य योजना तैयार करने की मांग रखी। बुढ़ानसागर तालाब एवं करदही नदी की उचित देखभाल एवं संरक्षण की मांग की है। इस अवसर पर उपस्थित रहे पंडित ज्वाला दुबे अभिषेक कुररिया प्रकाश चक्रवर्ती प्रभु पटेल पवन पटेल सुरेश चक्रवर्ती प्रशांत सिंहा राजेश चौरसिया गणेश चौरसिया विवेक चौरसिया अनिल दत्त तिवारी सचिव ग्राम पंचायत गांधीग्राम हल्का पटवारी सुखचैन पटेल एवं कोटवार सावन दहिया आदि का सहयोग रहा।
गौरतलब है कि गांधीग्राम, रामपुर, धमकी,बम्होरी की माइंस से नहर व करदही नदी गांधीग्राम से खनिजयुक्त पानी नियमित रूप से बहाया जा रहा है जिससे नहर व नदी उथली हो गयी है, वही गांधीग्राम व समीपस्थ ग्रामो का वाटरलेबिल अपेक्षाकृत नीचे खिसक गया है जिससे जलसंकट की स्थिति वर्तमान में निर्मित है।