बच्चों के शव उठाने तैयार नहीं थे माता-पिता भर आईं आंखेंखितौला हिरन नदी हादसा

बच्चों के शव उठाने तैयार नहीं थे माता-पिता भर आईं आंखें

खितौला हिरन नदी हादसा : गमगीन माहौल में हुआ युवती और किशोर का अंतिम संस्कार, हर किसी की आंखें थी नम

सिहोरा 

 खितौला हिरन नदी घाट में पूजन सामग्री विसर्जन के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में भाई बहन की डूबने से मौत हो गई थी। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव जैसे ही घर पहुंचे अर्थी उठने का एहसास ह्रदय विदारक मंजर देखकर मौजूद लोगों के दिल भर आए। आस्था और श्रवण के माता पिता शव उठाने को तैयार नहीं थे। खितौला वार्ड नंबर 16 का माहौल ऐसा था कि कोई व्यक्ति किसी से बात करने या सुनने की स्थिति में नहीं था। बेटे कृष्णा की लाश घर पहुंची तो मां ने उसे सीने से लगा लिया रोते-रोते मां बेहोश हो गई, लेकिन उसने दोनों हाथों से बेटे को ऐसे पकड़ रखा था कि लोग बच्चे की लाश को अलग करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। दोनों बच्चों की अर्थी खेत वाला से मुक्तिधाम के लिए रवाना हुई तो सड़क के दोनों और करीब एक किलोमीटर तक बुजुर्ग बच्चे और महिलाएं अमृत भाई बहन की एक झलक देखने के लिए खड़े थे।

गमगीन माहौल में हुआ दोनों का अंतिम संस्कार

कृष्णा और आस्था का खितौला हिरण नदी घाट में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। खितौला बरा मोहल्ला निवासी श्रवण तिवारी त्रिमूर्ति नगर में पत्नी संध्या बेटी काव्या और बेटे कृष्णा के साथ रहते थे। श्रवण परिवार के साथ खितौला वाली घर में सत्यनारायण की कथा कराने पहुंची थी कथा में शामिल होने के लिए उन्होंने बहन और बहनोई सुनील दुबे को आमंत्रित किया था जीजा और बहन का मूल निवास सिहोरा है। लेकिन सर्विस में होने के कारण सुनील अमलाई में रहते हैं कल वह भी अपने परिवार के साथ श्रवण के घर पहुंचे थे। कथा होने के बाद पूजन सामग्री विसर्जन करने हिरण नदी पहुंची सुनील की 17 साल की बेटी आस्था और कृष्णा पानी में डूब गए जिससे उनकी मौत हो गई हादसे में अभय को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया था।
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