आचार संहिता के नाम पर लटकेगा मंहगाई भत्ता | आशंका।

आचार संहिता के नाम पर लटकेगा मंहगाई भत्ता | आशंका।

प्रतिसत मंहगाई, आवास भत्ता, मुख्यमंत्री स्वास्थ बीमा योजना का आदेश जल्द हो जारी।

प्रदेश के कर्मचारियों को 700 सौ केन्द्रीय कर्मी को 10 हजार आवास भत्ता।

 सिहोरा

 मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा जबलपुर जिला संरक्षक योगेन्द्र दुबे जिलाध्यक्ष अटल उपाध्याय ने श्रीमति स्वाति शूर्या तहसीलदार जबलपुर को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौपकर लंबित 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता, विलम्ब से दिये गये महगाई भत्ते के 32 माह का एरियर्स,केंद्रीय कर्मचारियों के समान आवास भत्ता एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ बीमा योजना का लाभ तथा लिपिकों की वेतन विसंगति का सुधार रमेश चंद शर्मा आयोग की अनुशंसा के अनुसार  आचार संहिता लगने के पहले सभी लाभ दिये जाने की मॉग की है। 
          जानकारी के अनुसार आशंका व्यक्त की है गई है कि कर्मचारियों के लाभों को चुनाव आचार संहिता के नाम पर लटक जाएंगे।
       मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने मध्य प्रदेष शासन के मंत्री परिषद के आदेष दिनॉक 4/1/2020 के अनुसार चिकित्सा लाभ दिये जाने का पत्र विगत दिनों मुख्यमंत्री जी को दिया है। प्रशासकीय स्तर पर आदेष जारी ना होने के कारण यह लाभ नहीं दिये जा रहे है। केन्द्रीय कर्मचारियों को जनवरी 2022 से 3 प्रतिसत महगाई भत्ता दिया जाना है लेकिन प्रदेष के कर्मचारियों को यह भत्ता नहीं दिया जा रहा है। प्रत्येक कर्मचारी को प्रतिमाह करीबन 15 सौ रुपये कम वेतन मिल रहा है।
                    निजि अस्पतालों में सरकारी खर्चे पर इलाज की सुविधा ना होने के कारण इलाज के अभाव में कर्मचारी और उसके परिजन वे -मौत मर रहे है। केन्द्रीय कर्मचारियों को प्रतिमाह करीबन 7 से 10 हजार रूपये माह आवास भत्ता दिया जा रहा है। वहीं प्रदेष के कर्मचारियों को 15 वर्ष पूर्व दिया जाने वाला आवास भत्ता 7 सौ से 15 सौ रूपया प्रति माह दिया जा रहा है।
               मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा संरक्षक योगेन्द्र दुबे, जिला अध्यक्ष अटल उपाध्याय, प्रसांत सोंधिया, विश्वदीप पटैरिया,देव दोनेरिया, नरेश शुक्ला , रविकांत दहायत,  संतोष मिश्रा,रविबांगड, संतोष दुबे, अजय दुबे,धीरेन्द्र सिंह ने कर्मचारियों को चुनाव आचार संहिता लगने के पहल मंहगाई भत्ता, आवास भत्ता, स्वास्थ बीमा योजना का लाभ, लिपिकों की वेतन विसंगति का सुधारने के आदेश जारी कर कर्मचारियों को समस्त लाभ दिये जाने की मांग की है।
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