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अक्षय तृतीया पर घरों में हुआ मिट्टी के दुल्हा-दुल्हन का विवाह

अक्षय तृतीया पर घरों में हुआ मिट्टी के दुल्हा-दुल्हन का विवाह
सिहोरा

अक्षय तृतीया को स्वयंसिद्ध मुहूर्त रहता है। इस दिन शुभ कार्यों की धूम रहती है। जिसे स्वयं सिद्ध मुहूर्त के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लोग विभिन्न धार्मिक, सामाजिक अनुष्ठानों का आयोजन करते हैं।मंगलवार को बच्चों ने अपने घरों के आंगन में मिट्टी के बने दूल्हा एवं दुल्हन की मूर्तियों की विवाह की रश्म अदायगी की। इसी कड़ी में गाँधीग्राम में घरों मे मिट्टी के बने दूल्हा-दुल्हन को आसन पर स्थापित कर,चौक पूरकर कलश स्थापित कर पूजा की उनको परिणय सूत्र का कपड़ा डाला।मिट्टी के गुड्डा-गुड़ियों को विवाह की रश्म अदायगी उपरांत मिट्टी के कलश में पानी भरकर उन्हें ऋतु फल ,अनाज के रूप में चने की दाल,आम व पकवान भेंट किये गए।इसके बाद कन्याओं ने भोजन ग्रहण किया।