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WEE: REPORT - मनरेगा भुगतान को लेकर सरपंच उपसरपंच, पंचो ने छात्र को पीटा

मनरेगा भुगतान को लेकर सरपंच उपसरपंच, पंचो ने छात्र को पीटा

जांजगीर थाना अंतर्गत ग्राम बिरगहनी के रहने वाले आईटीआई के छात्र के साथ बिरगहनी सरपंच , उपसरपंच तथा पंचो ने मारपीट की । छात्र युवक ने जांजगीर के सिटी. कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया । मिली जानकारी के अनुसार मयंक केंवट की नानी मनरेगा में काम कर रही थी । मजदूरी भुगतान के समय.वास्तविक भुगतान और आनलाइन भुगतना में जबदस्त अंतर देखने को मिला । जब इस बात का पता छात्र.मयंक केंवट को चला तो उसने इस विषय में सरपंच ओमप्रकाश पटेल को अवगत कराया और इसकी चर्चा मनरेगा श्रमिकों से की । मनरेगा में हो रही गड़बड़ी की चर्चा ग्रामीणों में करने से पंचो पंचराम महिंलांगे ,रामलाल साहू और उपसरपंच मंजू साहू को गुस्सा आया और उन्होंने मयंक केंवट को कहा कि सरपंच ने तुम्हें सब स्टेशन के पास इस विषय में जानकारी देने बुलाया है । मयंक ने बताया कि ,मुझे लगा कि इस विषय में चर्चा करने सरपंच ने बुलाया होगा, इसलिए मै चला गया  परंतु जैसे ही मै वहां पहुंचा सरपंच ,उपसरपंच तथा पंचो ने मुझे मां- बहन.की गंदी गालिया दी और लात और घूंसों से पीटा और कहां कि बहुत होशियारी मार रहा है आज तेरी होशियारी निकालते हैं । जब यह बात मयंक केवट के भाई और दोस्तों को पता चली तो उन्होंने आकर उसे सरपंच से छुडाया और सिटी कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी । मयंक केंवट को.चेहरे ,आंख , बायी पसली.पर चोट आयी है जिसका मुलाहिजा हो चुका है । आंख मे चोट का मुलाहिजा बिलासपुर मे कराया गया है । इस मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने धारा 294, 506 ,323 तथा 34 के तहत अपराध दर्ज किया है और मामले की विवेचना कर रही हैं । 

मनरेगा श्रमिकों के साथ अन्याय
चालीस हजार गये सरपंच की जेब में 

मयंक ने.बताया कि वार्ड नंबर 10 के ननकी तालाब में गहरीकरण का काम चल रहा था । यह कार्य 21 से 27 मई तक चला । उसने यह भी बताया कि रोजगार सहायक की हड़ताल के कारण उपसरपंच द्वारा मनरेगा का प्रभार लिया गया है । उपसरपंच द्वारा मस्टररोल में मजदूरों की हाजिरी चार दिन की डाली गई है जबकि मनरेगा का काम.छह दिन चला है और लगभग सौ मजदूर काम पर गये थे । इस तरह से सरपंच , उपसरपंच और.सचिवो ने एक  मजदूर का लगभग चार सौ रुपये मारा है । इस तरह से सौ मजदूरों का चार सौ प्रति मजदूर के हिसाब से लगभग चालीस हजार रुपये मजदूरों के सरपंच और उपसरपंच ने गबन किये है । एक ओर युवाओं को तकनीकी मामलो में विशेषज्ञ होने और शासन और जनता और जनता के लिए चल रही योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए हर योजना की जानकारी आनलाइन की जा रही है जिससे जनता और.शासन के बीच कोई परदा न रहे परंतु जनता की गुलामी की आदत पड़ चुके नेता चाहे वह सरपंच हो या फिर कोई मंत्री इन्हे पढ़े- लिखे जागरूक युवा पसंद नही आते है यही कारण है कि आईटीआई के छात्र मयंक ने जब मजदूरों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश की उसे इस तरह मारा गया है अब आगे देखना शेष है कि जांजगीर पुलिस इस मामले में क्या कार्यवाही करती है ।

अगर इस मामले की जांच नही हुई तो मै एस पी जांजगीर से शिकायत करुंगा और इस मामले मे छ.ग. मानवाधिकार संगठन जेजेएफ की मदद लूंगा 

मयंक केंवट प्रार्थी