Weenews - बरसात फिर आ गयी पर इंजीनियर नही आये- अकलतरा सड़क

बरसात फिर आ गयी पर इंजीनियर नही आये- अकलतरा सड़क


सीता टंडन जांजगीर 

अकलतरा में बायपास रोड और अकलतरा की मुख्य सड़कों के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है परंतु न जाने किन तकनीकी खामियों ने अकलतरा जैसे व्यस्ततम सड़क के निर्माण को रोक कर रखा है । अब अगर तकनीकी या प्रशासकीय खामियां दूर कर भी ली गयी तो इस वर्ष निर्माण संभव नहीं क्योंकि मानसून आने में कुछ ही दिन शेष है और शायद यह आगामी वर्ष में भी शायद ही बनाया जाये क्योंकि उसके बाद विधानसभा चुनाव आ जायेगा । एक ओर देखा जा रहा है कि अकलतरा में बायपास सड़क जो नितांत आवश्यक है वह नेताओ के महत्वाकांक्षा की भेट चढ़ गया है दूसरी ओर अकलतरा नगर की मुख्य सड़कें भी बदहाल है जो अपने उद्धारकर्ताओ को बड़ी उम्मीद से देख रही है । दूसरी ओर हम असहाय होकर देख रहे है कि अकलतरा के पोडी़भाटा में कोलसाइडिंग का काम किस त़ेज गति से चल रहा है और दो साल के भीतर ही एक तिहाई काम भी हो चुका है । एक ओर कोल सायडर है जो अपने.कोलसाइडिंग के निर्माण में आने वाली हर बाधा को चाहे वह.नगरपालिका से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना हो या नहर विभाग से अपने व्यय पर सड़क निर्माण की अनुमति हर कीमत पर ,हर बाधा को हटाकर कोलसाइडिंग का निर्माण कर रहा है । 

कोलसाइडिंग से फायदा और नुकसान

इस कोलसाइडिंग से फायदा केवल इतना है कि इसके बनने से यहां के लगभग पांच हजार युवाओ को रोजगार मिलेगा और ऐसा रोजगार जो उनके फेफडों को कमजोर करेगा , भविष्य में इससे प्रभावित युवाओ में आनुवंशिक बदलाव से आने वाली पीढ़ियों में बौनापन आयेगा , महिलाओं और पुरुषों में एनीमिया पाया जायेगा जिसका परिणाम यह होगा कि हमारे एक क्षेत्र विशेष में अकुशल मानव संसाधन में वृद्धि होगी जो सीधे देश की कुशल मानव संसाधन का नुकसान है । इसके अतिरिक्त इन क्षेत्रो में लंबे समय के बाद जब ये बीमारियां शासन के नुमाइंदों को दिखेंगे तो वे इस क्षेत्र के लोगो की बीमारियों को दूर करने के लिए शासन को दबाव बनाकर करोडो का बजट स्वीकृत करायेगें और निसंदेह इस.बजट का बड़ा हिस्सा बजट नेताओं से लेकर अधिकारियों तक कमीशन के रुप मे बांटा जायेगा और निसंदेह थोड़ा बहुत यहां की बीमार जनता पर भी लगाया जायेगा या उनके लिए शायद कोई राहत योजना भी चलाई जाये पर इसका मतलब यह भी नहीं है कि बीमारियों के डर से विकास कार्य रोक दिये जाये पर एक *तीसरा विकल्प भी तलाशा जा सकता है पर प्रायः उद्योगपति अपनी सुविधाओ को देखेंगे जनता की नही* ।

सड़क बनने से फायदे और.नुकसान

दूसरी ओर अगर बायपास सड़क बन जाती है तो अकलतरा नगर से भारी वाहनों की आवाजाही खत्म हो जायेगी और दूर्घटनाओ में कमी आयेगी और लोग असमय मृत्यु को प्राप्त नहीं होंगे भारी वाहनों के दबाव से मुक्त होने के बाद सड़क की आयु भी निश्चित तौर पर बढ़ जायेगी , लोगों को इन वाहनो से निकलने वाले प्रदुषण से मुक्ति मिलेगी और युवाओं की और सभी की औसत आयु में वृद्धि होगी जिससे अंततः देश का कुशल मानव संसाधन में वृद्धि होगी । इसके साथ ही अगर अकलतरा में सड़कें अगर.बन जाती है तो दूर्घटनाओ में तो कमी आयेंगी ही साथ ही.आवागमन में समय कम लगेगा । आवागमन में लगने.वाला समय व्यक्ति अपने कार्य को देकर अपने कार्यों मे उत्कृष्टता ला सकता है जो हर खासोआम के लिए जरूरी है और वाहनों में होने वाले खर्च भी कम.होंगें जो आम और मध्यम वर्गीय जनता के लिए सच में फायदा है ।
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