बागियों के भंवरलाल में फंसे भाजपा काग्रेंस प्रत्याशी भाजपा के 06और कांग्रेस के 05 बागी प्रत्याशी 9 वार्डों में बिगाड़ रहे चुनावी समीकरण

बागियों के भंवरलाल में फंसे भाजपा काग्रेंस प्रत्याशी 
भाजपा के 06और कांग्रेस के 05 बागी प्रत्याशी  9 वार्डों में बिगाड़ रहे चुनावी समीकरण

सिहोरा

नगरीय निकाय चुनाव के प्रथम चरण में 6 जुलाई को होने वाले मतदान के पहले नगर में चुनावी बिसात जम गई है। नगरपालिका चुनाव के मतदान में अब सिर्फ 7 दिन बाकी हैं। राजनीतिक दलों में शुरुआती बढ़त बनाने की होड़ लगी हुई है। इस बार भाजपा नगरपालिका पर अपना कब्जा जमाने ऐड़ी चोटी का पसीना बहा रही है  तो कांग्रेस के सामने उसे बरकरार रखने की चुनौती है लेकिन दोनों ही दलों को भितरघात का डर सता रहा है। वही बागियों के भवरजाल में भाजपा काग्रेंस के प्रत्याशी फंसते नजर आ रहे है ये बागी अनेक वार्ड में त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति निर्मित कर रहे है।

     वार्ड 18 प्रत्याशी 80 मैदान है 

       चुनावी मैदान में खड़े बागी प्रत्याशी राजनीतिक दलों का खेल बिगाड़ रहे हैं। सिहोरा नगरपालिका के 18 वार्डो से पार्षद पद पर कुल 80 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें यूं ताे भाजपा से जुड़े 25 और कांग्रेस से जुड़े 24 लोग चुनाव लड़ रहे हैं, यह बागी पार्टियों का चुनावी समीकरण बिगाड़ रहे हैं। वहीं अन्य  निर्दलीय भी वार्डो में जीतने के लिए एड़ीचोटी का जोर लगा रहे है।
  अनेक वार्डो में बन रही त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति
 वार्ड 1 में भाजपा काग्रेंस के अलावा एक काग्रेंस के बागी के बीच त्रिकोणीय संघर्ष ,वार्ड 2 में भाजपा काग्रेंस के अलावा एक बागी के बीच त्रिकोणीय संघर्ष ,वार्ड 3 में भाजपा काग्रेंस के सीधे मुकाबले के बीच भाजपा के बागी के साथ एक और निर्दलीय प्रत्याशी त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति निर्मित कर रहे है।वंही वार्ड 4,5,6,7,8,9 में भाजपा काग्रेंस के बीच सीधा मुकाबला हो रहा है लेकिन वार्ड 10 मे भाजपा के बागी उम्मीदवार ने भाजपा काग्रेंस का खेल बिगाडने के लिए त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति निर्मित कर दी है। वार्ड 11 में काग्रेंस के एक बागी प्रत्याशी भाजपा काग्रेंस के लिए सरदर्द बनते जा रहे है ।वार्ड 12 में भाजपा काग्रेंस के बीच सीधा मुकाबला हो रहा है, वार्ड 13 में वैसे तो काग्रेंस के बागी प्रत्याशी के कारण त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति बन चुकी है पर एक निर्दलीय प्रत्याशी मुकाबले को चतुष्कोणी बनाने का प्रयास कर रहे है। वार्ड 14, 16,17,18 में भी भाजपा काग्रेंस का सीधा मुकाबला हो रहा है, वही वार्ड 15 में भाजपा के बागी निर्दलीय प्रत्याशी त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति निर्मित कर रहे है ।

खुद भी हारेगे और पार्टी को हरवायेगें बागी

     इस बार लगभग आधा दर्जन भाजपा के तथा इससे कुछ कम काग्रेंस के बागी पूरा चुनाव प्रभावित कर रहे है वे हो सकता है जीत न पाये लेकिन अपनी पार्टी को जरूर हरवाने का माद्दा रखते है। इस चुनाव में एक खास बात और देखने को मिल रही वह यह है की ऐसे भाजपा काग्रेंस के अनेक कार्यकर्ता जो अपने आप को पार्टी का निष्ठावान कार्यकर्ता बताते हुए नही थकते है उनने अपनी पार्टी से टिकट भी मांगी थी लेकिन नही मिल पाई तो वे अब अपने वार्ड में पार्टी के अधिक्रत प्रत्याशी का सहयोग करने की वजाय दुसरो का सहयोग करते नजर आ रहे है जिसकी एक बानगी एक वार्ड में देखने को मिली जहां प्रचार करने तो वो एक पार्टी का रहे है लेकिन चलते चलते कहते है जीत के बाद केक कटेगा अब आप ही समझिये की ऐसे पार्टी कार्यकर्ता किसका प्रचार कर रहे है।
  टिकट वितरण के बाद से ही झलक रहा असन्तोष
नगर पालिका चुनाव में भाजपा और कांग्रेस मे टिकट वितरण को लेकर विरोध के स्वर मुखर होते रहे नगर पालिका अध्यक्ष का पद अनारक्षित मुक्त होने के कारण दोनों ही पार्टी के दिग्गजो ने अपने राजनीतिक आकाओं का सहारा लेकर अनारक्षित बार्डो से पार्षद की टिकट हासिल कर ली जिसके चलते वार्ड के जमीनी कार्यकर्ताओं को बागी बनने विवश होना पड़ गया।

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