जिनवाणी श्रवण से मिलता मोक्ष मार्गआर्यिका श्री 105 अपूर्वमति माता के प्रवचन की अमृत वर्षा

जिनवाणी श्रवण से मिलता मोक्ष मार्ग
आर्यिका श्री 105 अपूर्वमति माता के प्रवचन की अमृत वर्षा 

सिहोरा

 जिनवाणी भक्त जनों को इस नश्वर संसार के जन्म और मरण से मुक्ति प्रदान कर मोक्ष का मार्ग प्रदान करती है प्रवचन कि यह अमृत वर्षा आर्यिका श्री 105 अपूर्वमति माताजी ने श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर झंडा बाजार में मां जिनवाणी की आराधना के महापर्व श्रुत पंचमी महोत्सव मैं शामिल भव्य जनों से कहीं आर्यिका श्री 105 अगाध मति माताजी आर्यिका श्री 105 अनुत्तरमति माता जी के सानिध्य में हुए संयोजन में जैन धर्मलंबी बड़ी संख्या में शामिल थे। प्रतिष्ठाचार्य सौरभ भैया ने वैदिक अनुष्ठान पूरे किए आर्यिका श्री अपूर्व मति माताजी ने जिनवाणी को भगवान श्री जिनेंद्र के श्री मुख से निकली वाणी बताते हुए कहा सर्वप्रथम इस वाणी को गणधर से आत्मसात करने के बाद इंद्र द्वारा वाणी को आचार्यों के सहयोग के लिपिबध किया इसी को जिनवाणी कहते हैं इसके पहले श्री पार्श्वनाथ पंचायती दिगंबर जैन मंदिर में प्रभु की दिव्य वाणी जिनवाणी का बड़ी श्रद्धा भक्ति के साथ पूजन किया गया।
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