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चाट गुपचुप खाने से 40 लोग हुए थे बीमार एक बच्ची की मौत…आप ने प्रशासन से की 10 लाख मुआवजे की मांग


चाट गुपचुप खाने से 40 लोग हुए थे बीमार एक बच्ची की मौत…आप ने प्रशासन से की  10 लाख मुआवजे की मांग


बिलासपुर ।  गुरुवार को बिलासपुर प्रेस क्लब पहुंचकर आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार के स्वास्थ्य महकमे की जमकर आलोचना की। सरदार जसबीर चावला ने कहा कि मौत का अड्डा बन गया है सिम्स, BMO शरद गढेवाल को नेता प्रतिपक्ष का खुला संरक्षण है। जिला अध्यक्ष सलीम काजी ने कहा कि सत्तापक्ष दिशा विहीन हो गई है।आम आदमी पार्टी प्रदेश में विपक्ष की भूमिका निभा रही है। उन्होंने मांग की की 10 लाख का मुआवजा मृतक बच्ची के पीड़ित परिवार को दिया जाए…
प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधा सुदृढ की जाए। प्रदेश प्रवक्ता प्रियंका शुक्ला ने कहा कि बच्ची के परिजनों को न्याय मिले।स्वास्थ्य सुविधा सुधारी जाए।
सभी ने चुप्पी साध रखी है सिर्फ आम आदमी पार्टी पीड़ितों को न्याय और इलाज दिलाने प्रयास कर रही है।जसबीर चावला,प्रियंका शुक्ला,सलीम काजी,संजय गढेवाल ने बताया कि दिनांक 06.06.2022 को ग्राम देवकिरारी, ब्लाक बिल्हा, जिला बिलासपुर के करीब 40 लोग चाट गुपचुप खाने से फूड पाइजनिंग के शिकार हो गए। इनमें से बच्ची, मीनाक्षी कोशले, उम्र 9 वर्ष, पिता चंद्रप्रकाश कोशले, की मृत्यु उसी दिन, बिल्हा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से, सिम्स बिलासपुर लाते समय हो गयी ।
6 जून को शाम को ही खबर मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष जसबीर सिंग, बिल्हा विधानसभा सचिव रवि यादव , केजू वर्मा, खगेश केवट और साथी बिल्हा सामुदायिक स्वास्थय केंद्र पहुंचे। वहां अफरा तफरी की स्थिति थी और 4 बच्चों को सिम्स, बिलासपुर रेफेर किया गया, जिसमे से 2 सिम्स गए और 2 प्राइवेट हॉस्पिटल गए।
बिल्हा अस्पताल के दूसरे माले पर करीब 20 मरीज भरती थे, जिन्हें अटेंड करने के लिए कोई नर्स या स्वास्थ्य कर्मी हाजिर नहीं था, सिर्फ एक डॉक्टर भू तल पर उपलब्ध थे। सभी मरीजों में भय व्याप्त था और शौचालय, हस्पताल के कमरे के बाहर का कॉरिडोर और सीढ़ियों में गंदगी फ़ैली हुयी थी। फ़ूड पाइजनिंग के कारण, मरीज बार बार उल्टी डस्ट के लिए जा रहे थे, किन्तु गंदगी और अव्यवस्था के कारण, भीषण गर्मी में नरकीय जीवन जीने को मजबूर थे। सरदार जसबीर सिंग के सवाल जवाब करने के बाद, व्यवस्था में स्वास्थ्य अमला लगा, लेकिन फिर भी बच्ची की जान नहीं बच सकी।


अगली लड़ाई,सिम्स से रहकर और बिल्हा में रात पुनः 2 बजे जाकर लड़ी और महकमे से निवेदन कर और लड़कर, बाकी 20 लोगों को उचित व्यवस्था दिलवाई। ग्राम देवकिरारी स्थित उप स्वस्थ्य केंद्र और आस पास के ग्राम हथनी एवं अमेरीकापा के उप स्वास्थय केंद्र करीब पिछले 4 सालों से बंद पड़े हैं, कई बार पत्र लिखने के बाद भी, बहरी सरकार के कानों में जूं नहीं रेंगी और आज इसका नतीजा, एक बच्ची को अपनी जान गंवानी पड़ी
इस बच्ची की बड़ी बहन · साक्षी कोशले, उम्र 11 वर्ष को, सिम्स से डिस्चार्ज करवाकर, प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट करवाना पड़ा, क्यूंकि परिजन, एक बेटी की मृत्यु से हिल गए थे, दिनांक 6 जून की रात बड़ी मुश्किल से कटी और 7 जून को बच्ची को शिफ्ट करवा दिया गया, चूंकि सिम्स में उचित इलाज नहीं चल रहा था। इस बच्चे के इलाज का खर्च भी पार्टी के पदाधिकारी वहां कर रहे हैं। हम प्रशासन से मुआवजा राशी रुपये 10 लाख की मांग करते हैं।
पूरे छत्तीसगढ़ में स्वास्थय व्यवस्था का, कमोबेश यही हाल है, निकम्मी सरकारों को आम आदमी की जान की परवाह नहीं है और स्वास्थ्य व्यवस्था कभी कर्मचारियों की कमी, कभी उपकरणों की कमी, कभी उनके रख रखाव की कमी से जूझती रहती है ।