टिकिट की लिस्ट से नाम गायब होने से भड़के कार्यकर्ता, सांसद के कार्यालय में प्रदर्शन जमकर नारेबाजी

टिकिट की लिस्ट से नाम गायब होने से भड़के कार्यकर्ता, सांसद के कार्यालय में प्रदर्शन जमकर नारेबाजी

  जबलपुर में पार्षद टिकट वितरण पहले ही भाजपा में मचा घमासान

जबलपुर

आखिर वही हुआ जिसका अंदेशा था। भाजपा की पार्षद सूची आने के पहले ही पार्टी के भीतर खाने में भूचाल आ गया है। जिन्हें टिकट दिए जाने की खबरें बाहर आई हैं, उनके विरोध में कार्यकर्ता इस्तीफा देने तक उतारू हो गए हैं। विरोध की आग की खबर से नेता-जनप्रतिनिधि चेहरा छिपाने की स्थिति में आ गए हैं। एक तरफ जहां संभागीय कार्यालय रानीताल में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अपना विरोध दर्ज कराने पहुंचे। वे इस्तीफा देने के लिए नेताओं को ढूंढ रहे थे, पर कोई बाहर नहीं निकल रहा था। वहीं एक प्रतिनिधि मंडल ने सांसद राकेश सिंह मिल अपनी पीड़ा बताई।

शर्मा-चौहान को भेजे पत्रपत्र

इस्तीफा देने पहुंचे नेता-कार्यकर्ताओं को जब पदाधिकारी नहीं मिले, तो वे प्रदेश भाजपा कार्यालय और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यालय में विरोध पत्र फैक्स करने की तैयारी कर रहे थे। नाराज कार्यकर्ताओं का कहना था कि सालों साल पार्टी का काम करने वाले कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करके अपना उल्लू सीधा करते हुए नेताओं ने टिकटें बांटी हैं, 

 जो स्वीकार नहीं है। तय नाम बाहर कैसे आये

इस विरोध को देखते हुए ये सवाल भी उठ रहा है कि जो नाम पार्टी की चयन समिति ने तय किए, वे बाहर कैसे आ गए। पूरी पार्टी में विविध नाम लेकर कहा जा रहा है कि नेताओं ने कहीं अपनी बहू, कहीं पत्नी, कहीं पुत्र तो कहीं भाई को टिकटें दीं हैं। रानीताल कार्यालय के सामने पहुंचे कार्यकर्ता कह रहे थे कि जिन्हें टिकट दी गर्इं हैं, वे न तो योग्य हैं न ही लायक, अत: इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

बाहरियों को टिकट क्यों

नगर अध्यक्ष, विधायक, और विधायक चुनाव हार चुके नेताओं को फोन कर कार्यर्क्ता कह रहे हैं कि बाहरी चेहरों को टिकट क्यों दी जा रही है। कहा तो ये भी जा रहा था कि कुछ ऐसे लोगों को भी टिकट दी गई हैं जो न तो पार्टी के सदस्य हैं, न ही किसी कार्यक्रमों में आते-जाते कभी देखे गए हैं। जो लोग विरोध दर्ज करा रहे हैं, उनमें कई पुराने नेता, कई वर्तमान बूथ अध्यक्ष, कई मंडल पदाधिकारी शामिल हैं।
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