नरकीय जीवन जीने को मजबूर गांव में गंदगी का साम्राज्यनल जल योजना के हाल बेहाल जवाबदार नहीं दे रहे ध्यानउपेक्षा का दंश झेल रहे घोराकोनीवासी नये सरपंच से आस

नरकीय जीवन जीने को मजबूर गांव में गंदगी का साम्राज्य
नल जल योजना के हाल बेहाल जवाबदार नहीं दे रहे ध्यान
उपेक्षा का दंश झेल रहे घोराकोनीवासी नये सरपंच से आस

गोसलपुर


गोसलपुर से पांच किलोमीटर की दूरी पर बसा घोराकोनी गांव जो कछपुरा ग्राम पंचायत का पोषित गाँव है यहां के लोगों का कहना है की ग्राम पंचायत के सदस्यों द्वारा पोषित गाँव होने के कारण इस गांव के विकास मे हमेशा सौतेला व्यवहार किया जाता है साफ सफाई न होने के कारण सड़कों पर कचरे के ढेर लग गए है सड़कों का मूल स्वरूप खत्म हो गया है सड़के जगह जगह टूट चुकी है नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं सफाई के नाम पर साल में एक या दो बार रस्म अदायगी कर दी जाती है 

गाँव के लोगों का कहना है 

जहां एक ओर प्रदेश की सरकार गांव के समग्र विकास हेतु भरपूर राशि भेजती है तो फिर गांव के निवासियों के हक की राशि कहां जाती है अधिकांश सड़कें आजू बाजू से टूट चुकी हैं
जनपद पंचायत सिहोरा के अधिकारी कभी उपेक्षित गांव का निरीक्षण करने की जेहमत नहीं उठाते
जिस कारण शासन से मिलने वाली राशि का अधिकारी कर्मचारी व जनप्रतिनिधियों द्वारा बंदरबांट किया जाता है

गहराया जल संकट

गांव में लोगों को हर घर सुगमता से नल के माध्यम से जल पहुंचाने की योजना के तहत नल जल योजना का संचालन तो किया जा रहा है परंतु नल जल योजना के संचालन हेतु स्थाई पंप चालक न होने के कारण गांव की नल जल व्यवस्था ठप पड़ी है मनमर्जी से कोई भी व्यक्ति योजना का संचालन करने लगता है जिससे किसी मोहल्ले में व्यर्थ में जल बहता रहता रहता है और किसी मोहल्ले के लोग बूंद बूंद पानी को तरसते रहते हैं ग्राम के जागेश्वर प्रसाद वर्मन शिवकुमार शर्मा मुन्ना भाईजान पूरन बर्मन सतीष बर्मन मुन्ना भाईजान अनिल दहायत इबरान बहना ने इस ओर ध्यान देने की मांग की है
उपेक्षा का दंश झेल रहे ग्राम के वाशिंदों का कहना है की अब गांव की नई सरकार का गठन हुआ है अब ग्रामीणों को नए सरपंच व जनप्रतिनिधियों से आस है की ग्राम में कुछ विकास कार्य कराए जाएंगे
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