पावर हाउस चौक स्थित प्राइवेट अस्पताल की मनमानी :स्वस्थ्य युवक को जबरन ICU में भर्ती किया और थमा दिया हजारों का बिल

पावर हाउस चौक स्थित प्राइवेट अस्पताल की मनमानी :स्वस्थ्य युवक को जबरन ICU में भर्ती किया और थमा दिया हजारों का बिल

बिलासपुर तुरवा पावर हाउस चौक स्थित स्वास्तिक हॉस्पिटल का एक नया चौका देने वाला कारनामा सामने आया है
जिसमें सड़क हादसे में मामूली रूप से घायल ग्रामीण युवक को स्वास्तिक अस्पताल प्रबंधन के स्टाफ ने गंभीर बताकर  ICU में भर्ती कर दिया। जबकि, युवक स्वस्थ्य था और सिटी स्कैन कराने हॉस्पिटल पहुंचा था । तीन घंटे तक उसे ICU में रखने के बाद हॉस्पिटल प्रबंधन ने 16 हजार 500 रुपए का बिल थमा दिया। इतना ही नहीं तुरंत पैसे नहीं देने पर उसे मरीज को रखने के लिए साढ़े छह हजार और देने की बात कहने लगे।

बताया गया कि परिजनों के हंगामा मचाने के बाद भी निजी अस्पताल प्रबंधन ने उनकी एक नहीं सुनी और बिल देने के बाद ही युवक को अस्पताल से डिस्चार्ज किया। युवक और परिजन ने अस्पताल प्रबंधन पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाकर CMHO से शिकायत की है। मामला तोरवा थाना क्षेत्र के स्वास्तिक अस्पताल का है।

युवक और परिजनों ने CMHO से शिकायत कर कार्रवाई करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ क्षेत्र के ग्राम सिल्ली निवासी विश्राम प्रसाद श्रीवास के 22 वर्षीय बेटे कमलेश्वर श्रीवास उर्फ राहुल का 9 जून की सुबह 10.30 बजे एक्सीडेंट हो गया। दरअसल, ट्रैक्टर ने उसे टक्कर मार
दी थी। इस हादसे की जानकारी मिलने पर परिजन उसे पामगढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां उसकी हालत ठीक थी। लेकिन, डॉक्टर ने एहतियात के तौर पर अंदरूनी चोट लगने और बाद में परेशानी होने की बात कहकर बिलासपुर जाकर सिटी स्कैन कराने की सलाह दी।

CIMS के बजाए स्वास्तिक अस्पताल ले गया एंबुलेंस चालक

पीड़ित ने बताया कि उसने एंबुलेंस चालक से सिम्स जाने की बात कही थी लेकिन एंबुलेंस चालक जबरन उसे स्वास्तिक हॉस्पिटल लेकर आ गया और जबरन स्टेचर  लाकर उसे भर्ती करा दिया गया

अस्पताल प्रबंधन पर ICU में भर्ती कर अवैध वसूली करने का आरोप लगाया गया है। -

बिना जांच किए सीधे ICU में किया भर्ती
विश्राम और कमलेश्वर ने आरोप लगाया है कि पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद भी हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा  जबरिया भर्ती कर लिया गया जबरन आईसीयू में भर्ती  करके यूरिन नली सहित लगभग ₹5975 की दवाइयों का बिल भी दे दिया गया कमलेश्वर ने बताया कि उसने हॉस्पिटल के स्टाफ से कहा कि मुझे केवल सिटी स्कैन करना है इसके बावजूद किसी ने कमलेश्वर की एक नहीं सुनी और सीधा आईसीयू में ले जाकर भर्ती कर दिया गया 

तीन घंटे का बिल बनाया 16 हजार 500 रुपए

डिस्चार्ज करने को लेकर जब युवक के परिजनों द्वारा हॉस्पिटल में हंगामा मचा मचाना शुरू किया गया तो आनन-फानन में हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा ₹16500 का बिल थमा दिया गया साथ ही यह भी कहा गया कि बिल नहीं जमा करने की दिशा में रात रुकने पर ₹6500 का अतिरिक्त चार्ज लिया जाएगा
इस पर किसी तरह अपने परिचितों से रुपए उधार लेकर उन्होंने बिल जमा किया। फिर शुक्रवार को इस पूरे मामले की शिकायत CMHO से की। शिकायत में उन्होंने जबरदस्ती ICU में भर्ती करने और अवैध वसूली करने का आरोप लगाया है। साथ ही अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

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