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Weenews : मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में गफलत पूर्व सरपंच ने कराया घटिया निर्माण , कार्यवाही से बच रहे सीईओ

मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में गफलत पूर्व सरपंच ने कराया घटिया निर्माण , कार्यवाही से बच रहे सीईओ
बिलासपुर । ग्राम पंचायत भरारी के 9 निर्माण कार्यों में गड़बड़ी के मामले में बिल्हा जनपद सीईओ ने पूर्व सरपंच, ठेकेदार व कांग्रेस नेता विनय शुक्ला व पंचायत सचिव को 15 लाख 28 हजार ने के वसूली का अंतिम नोटिस जारी किया है। 3 दिन में सीईओ ये नहीं बता सके कि पूर्व सरपंच ने उन्हें इसका क्या जवाब भेजा है। मामला नोटिस नोटिस के खेल जैसा है। ग्राम पंचायत भरारी के पूर्व सरपंच विनय शुक्ला ने खुद ठेकेदारी करते हुए 7 सड़कों का निर्माण कराया। निर्माण के कुछ दिन बाद ही 20 साल की उम्र वाली सभी 7 सीसी सड़कें उधड़ने, धंसने लगी। ग्रामीणों की लगातार शिकायत के बाद जागे जिला पंचायत सीईओ ने जनपद 

पंचायत सीईओ को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्रामीण अभियांत्रिकी विभाग ने टीम का गठन कर टीम को जांच और सत्यापन के लिए ग्राम भरारी भेजा। इस टीम ने कुछ एक सड़कों की नाप की और शेष सड़कों को नाप केलायक न होना बताते हुए ग्रामीणो से पंचनामा तैयार कर टीम ने अपना जांच प्रतिवेदन जनपद सीईओ बिल्हा को प्रस्तुत कर दिया। घटिया और गुणवत्तापूर्ण जांच पाए जाने पर सीईओ ने दो बार पूर्व सरपंच और कांग्रेस नेताविनय शुक्ला को नोटिस जारी कर उधड़ी धंसी सड़कों का सुधार कार्य कराने पत्र भेजकर निर्देश दिया परंतु कांग्रेस नेता और ठेकेदार ने न तो मरम्मत कराई और न ही पत्र का जवाब दिया। इसके बाद जनपद सीईओ ने गत अप्रैल माह में ठेकेदार और कांग्रेस से टि जुड़े पूर्व सरपंच विनय शुक्ला व पंचायत सचिव कमल किशोर को निर्माण कार्य की राशि को वसूली योग्य बताते हुए 15 लाख 28 हजार के भुगतान का अंतिम नोटिस जारी किया। जारी नोटिस में स्पष्ट तौर पर चेतावनी दी गई कि यदि 3 दिवस के भीतर पूर्व सरपंच द्वारा जारी नोटिस के द्वारा सूचित की गई रकम जमा नहीं कराते ल तो उनके विरूद्ध राजस्व प्रकरण तैयार कर राजस्व नियमों के तहत वसूली की कार्रवाई की जाएगी। 

ढाई साल बाद पूर्व सरपंच से लिया जा रहा काम 

सवाल यह उठा रहा है कि नवनिर्वाचित सरपंचों ने फरवरी 2020 में कार्यभार ग्रहण कर लिया है, ऐसे में सरपंच को प्रभार सौंपने के ढाई साल बाद भूतपूर्व सरपंच विनय शुक्ला • आखिर किस नियम के तहत और कौन सा काम करा रहे हैं। इतनी बड़ी गड़बड़ी के बाद आखिर उनसे क्या काम लिया जा रहा है। इसका जवाब देने से सीईओ कतरा रहे हैं।