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Weenews :- पूर्व आईएएस व भाजपा नेता ओपी चौधरी के खिलाफ थाना बाकीमोगरा में प्राथमिकी दर्ज

 कोरबा। पूर्व आईएएस और प्रदेश भाजपा के महामंत्री ओपी चौधरी द्वारा 18 मई 2022 को अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो प्रसारित किया गया था। इसे कोरबा जिले के गेवरा माइंस में कोयला चोरी का वीडियो होना बताया गया था। इस वीडियो की वजह से पुलिस और प्रशासन की फजीहत हुई। राजनीतिक बयानबाजियों का भी दौर चला। बिलासपुर रेंज के आईजी रतनलाल डांगी ने वीडियो की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया था। इस वीडियो को फर्जी होने का दावा करते हुए थाना बाकीमोगरा क्षेत्र के निवासी मधुसूदन दास यादव के ने शिकायत दर्ज़ कराई थी। मामले में पूर्व आईएएस ओपी चौधरी के विरुद्ध धारा 505 (1)(बी) भादवि के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। यह बताना होगा कि इस वीडियो के प्रसारित होने के बाद आनन-फानन में दीपका व हरदी बाजार थाना प्रभारियों को लाइन अटैच करने की कार्रवाई की गई थी।

पूर्व आईएएस चौधरी द्वारा अपने ट्विटर हैंडल से वीडियो प्रसारित किए जाने के बाद यह इंटरनेट मीडिया में तेजी से प्रसारित होने लगा। वीडियो में कोयला खदान में एक साथ हजारों लोग बोरियों में कोयला निकालते और गाड़ियों में लोड करते नजर आ रहे थे। इस मामले पूर्व आइएएस व भाजपा नेता चौधरी ने वीडियो ट्वीट कर दावा किया कि यह वीडियो कोरबा में संचालित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की गेवरा खदान की है। उन्होंने यह भी कहा कि कोयला चोरी का खेल चल रहा है। हजारों मजदूर व सैकड़ों गाड़ियों से खुलेआम कोयले की चोेरी की जा रही है। छत्तीसगढ़ में सब कुछ अति की सीमा को पार कर चुका है।
इसके ट्वीट के बाद पुलिस विभाग के शीर्ष अधिकारी हरकत में आ गए और आनन फानन में बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आइजी) रतनलाल डांगी ने जांच कमेटी का गठन कर दिया। इधर पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कोयले के अवैध परिवहन में लगे वाहनों की धरपकड़ शुरू कर दी। हरदीबाजार पुलिस चौकी व कुसमुंडा, दीपका थाना में अलग अलग कार्रवाई करते हुए पिकअप, ट्रक समेत सात वाहन जब्त किए गए हैं। सभी वाहनों के चालकों के खिलाफ चोरी के संदेह का मामला बनाते हुए धारा 41 (1-4) के तहत कार्रवाई की है।
सूत्रों का दावा है कि मामले में पुलिस अधीक्षक ने दो थानेदारों को निलंबित कर दिया है। वहीं जिले से तबादला हो चुके कुसमुंडा थाना प्रभारी लीलाधर राठौर को तत्काल प्रभाव से रिलीव कर दिया गया है। इंटरनेट मीडिया में वायरल हुए वीडियो की पुष्टि नहीं हुई हो पर एसईसीएल की खदानों में होने वाली चोरी की घटनाओं से इन्कार नहीं किया जा सकता।