बिना सूचना के मतदान कार्य से अनुपस्थित रहना 11 कर्मियों को पड़ा महंगा

बिना सूचना के मतदान कार्य से अनुपस्थित  रहना 11 कर्मियों को पड़ा महंगा


कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने किया तत्काल प्रभाव से निलंबित


त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन के दौरान बिना किसी पूर्व सूचना के गायब रहना 11 शासकीय कर्मियों को महंगा पड़ गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रियंक मिश्रा ने इन सभी कर्मियों के कृत्य को गंभीर लापरवाही मानते हुए बुधवार को आदेश जारी कर इन्हे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 

 निलंबित शासकीय कर्मियों में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहरूआ के प्रधानाध्यापक जय हिन्द परते, शसकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विजयराघवगढ़ के शिक्षक संतोष देवी मिश्रा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिनगौड़ी की शिक्षक सारिका गोंटिया, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरियापान की शिक्षक विजय लक्ष्मी ज्योतिषी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़वारा के प्राथमिक शिक्षक रमेश चौधरी शामिल है। 

 इसी प्रकार कलेक्टर  मिश्रा ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिपरिया के शिक्षक शशि परस्ते, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिविल लाईन के प्रधानाध्यापक महेश पटेल, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरही के शिक्षक दिनेश बैगा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिलहरी के सहायक शिक्षक विशाली राम, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सलैया सिहोरा के शिक्षक श्याम सुंदर विश्वकर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं शासकीय अनुदान प्राप्त तिलक राष्ट्रीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटनी के व्याख्याता लोकमन सिंह के निलंबन का प्रस्ताव संभागायुक्त जबलपुर को प्रेषित कर दिया गया है। 

 जिला पंचायत के सी.ई.ओ. जगदीश चन्द्र गोमे ने बताया कि जारी आदेश मे सभी निलंबित कर्मियों को जीवन निर्वाह भत्ता की पत्रता होगी। साथ ही सभी का मुख्यालय भी निर्धारित कर दिया गया है। 

  गोमे ने बताया कि निलंबित कर्मियों का कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम में वर्णित प्रावधानों के विपरीत कदाचरण की श्रेणी मे पाया गया है। निलंबित शासकीय कर्मियों की ड्यूटी 25 जून के मतदान के लिए पीठासीन अधिकारी और मतदान कर्मी के रूप में लगाई गई थी।
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