आंगनवाड़ी गोद लेकर भूले अधिकारी व जनप्रतिनिधि

आंगनवाड़ी गोद लेकर भूले अधिकारी व जनप्रतिनिधि

सिर्फ इक्का-दुक्का आंगनवाड़ी में हुए काम आज भी आवश्यक संसाधनों के अभाव के बीच चल रही आंगनवाड़ी सिर्फ दिखावा हुआ अभियान विभाग भेजेगा स्मरण पत्र


गोसलपुर

सिहोरा विकासखंड के अंतर्गत महिला बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालय सिहोरा के अंतर्गत 188 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित है मध्यप्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान द्वारा एवं महिला बाल विकास विभाग के द्वारा आंगनबाड़ियों की दयनीय स्थिति को सुदृढ़ करने एवं आवश्यक संसाधनों से लेस करने के मकसद से आंगनबाड़ियों की दीनदशा को सुधारने के उद्देश्य से प्रदेश भर में आओ एक आंगनवाड़ी गोद ले अभियान के तहत मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन के आवहान पर अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों सामाजिक संस्थाओं ने आंगनवाड़ी गोद लेकर औपचारिकता तो निभा ली परंतु स्थिति यह है की विकासखंड के अंतर्गत मात्र इक्का-दुक्का आंगनबाड़ियों को गोद लेकर धरातल पर काम किया गया है
बाकी जगह गोद लेने की रस्म अदायगी करके अधिकारी व जनप्रतिनिधि भूल गए है और तो और माननीयों ने आंगनबाड़ी केंद्रो की तरफ झांकने तक की जेहमत नही जुटाई प्रदेश में अनेक जिलों में इस अभियान के सार्थक परिणाम देखने को मिल मिल रहे है परंतु सिहोरा विकासखंड के अंतर्गत यह अभियान दिखावा साबित हुआ ज्ञात हो की प्रदेश के मुखिया ने एक सराहनीय पहल करते हुए आंगनबाड़ियों को आदर्श आंगनवाड़ी केंद्रों के रुप मे विकसित करने की मनसा से
यह अभियान चलाया था परंतु मुख्यमंत्री का यह अभियान टांय टांय फिसस हो गया वहीं विभाग का कहना है की गोद ली गई आंगनवाड़ी के संबंध में विभाग के पोर्टल पर वर्तमान स्थिति की जानकारी अपडेट करनी पड़ती है इस संबंध में गोद लेने वाले अधिकारी जनप्रतिनिधियों को स्मरण पत्र जारी कर आंगनबाड़ियों की स्थिति सुधारने हेतु निवेदन किया जावेगा
इनका कहना है

वास्तव में आंगनवाड़ी गोद लेकर जनप्रतिनिधि व अधिकारी भूल गए हैं आशाजनक परिणाम देखने को नही मिला
इस संबंध में शीघ्र ही विभाग द्वारा गोद लेने वालो को पत्र भेजकर याद दिलाई जावेगी साथ ही नये जन प्रतिनिधियो की भी मदद ली जावेगी
मनीष सेठ सहायक संचालक
महिला एवं बाल विकास विभाग
जबलपुर
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