सिहोरा नगरीय निकाय चुनाव भाजपा और कांग्रेस का समीकरण बिगाड़ रहे निर्दलीय और बागी

सिहोरा नगरीय निकाय चुनाव 
भाजपा और कांग्रेस का समीकरण बिगाड़ रहे निर्दलीय और बागी 



सिहोरा  

नगर पालिका परिषद सिहोरा के आगामी 6 जुलाई को होने वाले चुनाव में जहां पार्षदों द्वारा नगर पालिका अध्यक्ष का चयन किया जाना है, जबकि मतदान होने को सिर्फ 2 दिन बचे हुए हैं। नगर पालिका चुनाव में 18 वार्डों में लगभग 80 पार्षद पद हेतु प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। नगर के 18 वार्डों में कांग्रेस भाजपा आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी द्वारा अपने अधिकृत प्रत्याशी कई वार्डों में खड़े किए हैं, लेकिन कांग्रेस और भाजपा के लिए सबसे ज्यादा सिर दर्द दोनों ही पार्टियों के बागी उम्मीदवार  बने हुए हैं जो दोनों दलों की जीत का समीकरण  बिगाड़ रहे हैं। बागी प्रत्याशियों की मैदान में होने से  पार्टियों के अधिकृत प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत के प्रति आशंकित हैं वही दोनों दलों के कुछ प्रत्याशी आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए तो कुछ बहुजन समाज पार्टी में, नगर पालिका परिषद के पार्षदों का चुनाव किस ओर जा रहा है जिसको लेकर मतदाता को छोड़कर कोई कयास नहीं लगा सकता की जीत किसकी हो रही है

            नगर के वार्ड नंबर एक में  कांग्रेस का बागी उम्मीदवार के होने से अधिकृत प्रत्याशी अपनी जीत के प्रति आशंकित हैं वहीं वार्ड नंबर 2 में  उक्त दलों से प्रत्याशी नहीं बनाया गया वह अब भाजपा कांग्रेश के अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार ना कर उन्हें नुकसान पहुंचाने प्रयासरत वार्ड नंबर 3 में टिकट पाने से नाराज  निर्दलीय के रूप भाजपा के प्रत्याशी को नुकसान पहुंचा रही हैं वार्ड नंबर 5 में कांग्रेस के प्रत्याशी को  निर्दलीय  प्रत्याशी के रूप में सीधा सीधा नुकसान पहुंचा रहे हैं l वार्ड नंबर 10 वहीं वार्ड नंबर 10 मैं भी भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी को बागी प्रत्याशी नुकसान पहुंचा रही है वार्ड नंबर 11 में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी को  निर्दलीय के रूप में खड़ी प्रत्याशी सीधे-सीधे नुकसान पहुंचा रहे हैं वहीं वार्ड नंबर 12 में त्रिकोणीय मुकाबला है जबकि वार्ड नंबर 13 में कांग्रेस के बागी प्रत्याशी के अप्रत्याशित लोकप्रियता की लोकप्रियता के चलते  कांग्रेश भाजपा दोनों दलों की प्रत्याशी असमंजस में हैं वार्ड नंबर 15 में सबसे ज्यादा दयनीय स्थिति भाजपा प्रत्याशी की है यहां पर भाजपा के दो दो बागी प्रत्याशी होने से भाजपा को खासा नुकसान होने  की प्रबल संभावना है वार्ड नंबर 16 और 18 में भाजपा कांग्रेस के बागी उम्मीदवार ना होने के बावजूद यहां परकांग्रेश बहुत मजबूत स्थिति में नजर आ रही है  वहां पर दोनों प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत के प्रति पूर्ण आश्वस्त है वार्ड नंबर 17 की बात की जाए तो यहां पर सबसे ज्यादा प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। भाजपा और कांग्रेस के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी यहां पर दोनों ही पार्टियों के वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं।
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