बरसात से स्कूल का मैदान बना तालाब, कमरों में भी भरा पानी

बरसात से स्कूल का मैदान बना तालाब, कमरों में भी भरा पानी 

बरसात ने शिक्षकों, छात्रों को भिगोया

 सिहोरा


शुक्रवार को सुबह 9 बजे के समय आसमान पर बना काले बादलों के मण्डल ने पहले रिमझिम फिर लगभग डेढ़ घंटे की तेज रफ्तार से जमकर बरसात हुई l बरसात इतनी तेजी से हुई की महज आधे घंटे में खितौला व सिहोरा के वार्डों के नालों का पानी ओवर फ्लो होकर कालोनियों व सडकों पर बहने लगा।
शासकीय यशोदा बाई खितौला बाजार का मैदान जलमग्न
नगर की एकीकृत शास यशोदा बाई अग्रवाल  कन्या उमावि खितोला बाजार में सुबह की बरसात से बहुत परेशानी हुई। कालोनियों का पानी स्कूल के समीप से गुजरने वाले नालों से होता हुआ बारिश का पानी नाला ओवरफ्लो होने के कारण इसका पूरा पानी  स्कूल के मैदान में प्रवेश कर गया । बारिश के पानी के प्रभाव के चलते जहां स्कूल के अंदर बना मैदान पूरे पानी से भर गया , बल्कि शौचालय आदि में भी इसका प्रवेश हो गयाl जिसके चलते स्कूल में पढ़ने वाली छात्र छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रवेश द्वार व मैदान लबालब, भीग गए शिक्षक व छात्र

स्कूल के मुख्य गेट से प्रवेश से मैदान लबालब हो गया जिससे अत्यधिक पानी भरा होने के कारण इस पानी में आज अनेक छात्राएं भी  भीग गई l शिक्षक व  छात्र-छात्राओं को भीगते हुए स्कूल पहुंचना पड़ा।

मिडिल विभाग के कक्षों में भरा पानी

ढलान के कारण शाला के मिडिल विभाग के कमरों में पानी भर गया जिसे शिक्षकों व पीयून की मदद से उलीच उलीच कर पानी निकाला गया।

 कम रही उपस्थिती

तेज बरसात के कारण प्रायमरी,मिडिल व हायर सेकंडरी मे बच्चों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही l

पानी की निकासी की व्यवस्था की जाये

 अभिभावकों ने बताया गया है कि जब भी स्कूल के इर्द-गिर्द गुजरने वाले नाले बारिश के पानी से ओवरफ्लो होते हैं तो पूरा पानी ही स्कूल में प्रवेश कर जाता है और यहां तक की छात्राओं के प्रयोग करने वाले शौचालय भी पानी के प्रभाव के चलते गंदे हो जाते हैं। अगर स्कूल के बाहर नालों में पानी की निकासी उचित हो जाए तो काफी हद तक समस्या का हल हो सकता है। उन्होंने इस बात के भी संकेत दिए कि भविष्य में स्कूल के पानी की निकासी को लेकर स्कूल प्रांगण में ही भूमिगत बोर बनाने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएl अभिभावकों ने कहा कि बच्चों को भेजते  डर लगता है। बारिश में विद्यालय में पानी भर जाता है। साथ ही मच्छर पनपने की वजह से बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। इस वजह से बच्चों को स्कूल भेजने में डर लगता है।
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