धान के खेत में फंसा खून से लथपथ तेंदुआ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

धान के खेत में फंसा खून से लथपथ तेंदुआ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू
वन परिक्षेत्र सिहोरा की मझौली बीट के इंद्राना बीट का मामला  जबड़े में गंभीर चोट, दांत टूटा, वेटरनरी में भर्ती


सिहोरा 


सिहोरा के इंद्राना गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब खून से लथपथ एक घायल तेंदुआ गांव में घुस गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। गांव पहुंची वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू करते हुए तेंदुआ को अपने कब्जे में लिया और उसे वेटरनरी अस्पताल में भर्ती कराया।
रेस्क्यू टीम के रेंज ऑफिसर जेडी पटैल ने जानकारी दी कि उन्हें लगभग शनिवार सुबह 6.10 बजे सूचना प्राप्त हुई थी कि बनखेड़ी गाँव में सड़क के किनारे एक खेत पर तेंदुए का लगभग 5-6 माह का शावक देखा गया है, जिसे ग्रामीणों द्वारा उसे भगाने के प्रयास करने के कारण वह थक कर खेत में छुपा है। इंद्राना रेंज के रेंजर ने 6-7 अपने वन रक्षकों के साथ सूचना पाते ही उस खेत पर पहुँचे और उस तेंदुए के शावक को सूती साड़ी उढ़ाकर पकड़ा तथा उसके पिछले पैर बाँधकर रेस्क्यू स्क्वाड को सूचना दी कि शावक काफी डरा सहमा है और उसके मुँह से खून निकल रहा है, जिसे प्राथमिक उपचार की आवश्यकता है।

शावक स्ट्रेस और एग्रेशन में है, उपचार जारी है
वेटरनरी स्कूल ऑफ वाईल्डलाईफ फ ॉरेंसिक एण्ड हैल्थ, जबलपुर की संचालिका डॉ. शोभा जावरे ने बताया कि कुलपति डॉक्टर प्रोफेसर एस पी तिवारी ने सूचना दी कि तेंदुए के शावक को प्राथमिक उपचार हेतु सेंटर में लाया जायेगा आप अपने वन्यप्राणी स्वास्थ्य विषेषज्ञों की टीम को तैयार करिये। तदानुसार प्राथमिक उपचार की तैयारी हेतु संचालिका की निर्देशानुसार डॉ. के.पी.सिंह, डॉ. देवेंद्र पोघाडे, डॉ. अमोल रोकड़े तथा पी.जी. छात्रों को सूचित किया गया। जबलपुर की रेस्क्यू टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए इस तेंदुए के शावक को लगभग 9:30 बजे स्कूल ऑफ वाईल्डलाईफ फॉरेंसिक एण्ड हैल्थ, जबलपुर में लाया जहाँ वन्यप्राणी स्वास्थ्य विषेषज्ञों की टीम ने उसका परीक्षण किया और पाया कि शावक स्ट्रेस और एग्रेशन में है तथा एक्स-रे और गहन परीक्षण के दौरान इसके शरीर के सभी अंग प्रत्यंगों का मुआयना किया गया और यह पाया गया कि इसके ऊपरी जबड़े का एक कॉर्निसल दाँत टूटा है तथा इसकी जीभ भी कटी पाई गई है, जिसका उपचार किया जा रहा है।
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