WEE REPO - ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बन कर तैयार फिर भी लोग बाहर में ही जा रहे हैं शौच।

विवेक देशमुख

बिलासपुर। मस्तूरी ब्लाक के 50 से अधिक ग्राम पंचायतों में कुल 1 करोड़ 75 लाख रुपए का सामुदायिक शौचालय बन कर तैयार, फिर भी लोग बाहर ही जाते हैं शौच, सभी में जड़े हैं ताले। जनपद पंचायत मस्तूरी में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 3लाख रूपैए और मनरेगा से 50हजार रुपए दोनों मद से संयुक्त रूप से 3 लाख 50हजार की लागत से बहुत से ग्राम पंचायतों के चौक चौराहों या फिर मुख्य मार्ग पर जहां लोगों का आवागमन हो ऐसे स्थानों पर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराने के लिए फंड जारी हुआ था। जिसमें मस्तूरी जनपद के 50 से अधिक ग्राम पंचायतों में यह शौचालय बनकर कंप्लीट हो गया है। लेकिन ग्राम पंचायत के सरपंच और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण सभी में ताले लटके हुए, बरसात के मौसम में ग्रामीण लोग बाहर में ही शौच के लिए जाते हैं। ग्राम पंचायतों में बनकर तैयार सामुदायिक शौचालय उपयोग में हो कर भी उपयोग नहीं किया जा रहा है।

ग्राम पंचायत पंधी, रांक, टिकारी,गोडाडीह, केवतरा, देवरी, निरतू, जेवरा, कुली, रिसदा, परसदा वेद, धनिया,सोनसरी,परसोडी कर्रा, चकरबेडा, भदौरा ,खुडूभाठा, ध्रुवाकारी ,खमरिया, कौडीया, रैलहा, ऊनी, अकोला, शुकुलकारी ,पोंड़ी, पेंड्री, बेलटुकरी, एरामसाही, बनियाडीह, परशाही, मुड़पार ,नरगोड़ा ,सोठी ,लावर, जैतपुर, हिररी, कुकदा,पताईडीह, जैतपुरी, जूनवानी, परसदा किसान, गुड़ी, जूहली, कुकुरदीकेरा, हरदी, कोकड़ी ,लिमतरा, पाराघाट, दर्राभांठा,इन ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनकर तैयार है।

मस्तूरी मुख्यालय के जोंधरा चौक पर सामुदायिक शौचालय नहीं होने की वजह से व्यापारी और यात्रीगणों को कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है काफी लंबे समय से व्यापारी संघ और आम लोगों की वहां पर सामुदायिक शौचालय का मांग है जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। आसपास के मुख्यालय होने की वजह से जोंधरा चौक मस्तूरी में रोजाना हजारों लोगों का आवागमन रहता है ऐसे में सामुदायिक शौचालय ना होने की वजह से कई आम लोगों की कइ सारी समस्याएं सामने रहती है।

मस्तूरी जनपद के 4 ग्राम पंचायतों में 12लाख रुपए की लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण हो रहा है जिसका काम अभी चल रहा है
और 3 लाख 50 हजार वाली 50 ग्राम पंचायतों का काम में 45 सामुदायिक शौचालय बनकर तैयार है। 5 शौचालयों में टाइल्स वाली काम चल रही है।

एसडीओ अमित बंजारे

ग्राम पंचायतों में बन रहे सामुदायिक शौचालय का कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत सरपंच सचिव ही है, जिन ग्राम पंचायत के शौचालय बनकर तैयार हो गये है उन्हें पब्लिक के लिए अब पूर्ण रूप से खोल देना चाहिए, इस संबंध में ग्राम पंचायत के सचिव सरपंच को निर्देशित किया जाएगा।

सीईओ, कुमार सिंह लहरें

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