राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 पर मूक पशु गाय, बैलों की मौत

राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 पर मूक पशु गाय, बैलों की मौत


एक्सीडेंट में प्रतिदिन मर रहे मवेशी, जवाबदार बेसुध 



सिहोरा 

 राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 जबलपुर कटनी हाईवे फोर लाइन सड़क मार्ग पर झुंड के रूप में आवारा मवेशियों की उपस्थिति रहती है, मवेशियों के उचित रखरखाव व प्रबंधन के अभाव में हाईवे पर मौजूद इन मवेशियों के प्रतिदिन दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से मौत हो रहे हैं गुरुवार को गांधीग्राम से रामपुर के बीच 2 मवेशियों गाय व बैल की शुक्रवार को रामपुर से जुझारी के बीच दो गाय व बैल की एवं शुक्रवार को रामपुर के पास 3 गाय व बछड़े की रात्रि के समय एक्सीडेंट हो जाने से मौत हो गई,बारिश के इस मौसम में  पशुओं को मक्खियों के काटने की दिक्कतें प्रारंभ हो जाती हैं इसलिए खेतों में बैठने वाले पशु भी इन दिनों सूखी सड़कों पर हाईवे फोरलेन सड़क मार्ग पर बैठने लगे हैं।


प्रतिदिन मर रहे मवेशी

लगभग एक महीने से गौवंश सबसे ज्यादा बारिश के मौसम में सड़क हादसे का शिकार हो रहे हैं,कोई दिन ऐसा नहीं गुजरता जब दुर्घटना न हो,लोग और गाय घायल न हो, या उनकी जान न चली जाए। एक महीने में पच्चीसो मवेशी काल कवलित हो चुके हैं। गांधीग्राम में गाय के इलाज की व्यवस्था भी सीमित है,ऐसे में जान बचाना बहुत मुश्किल होता है।
मारे मारे फिर रही दो वक्त के दाना-पानी के बदले दूध देने और मरने के बाद शरीर के चमड़े से कई लोगों का रोजगार चलाने वाली गाय, सड़कों पर मारी-मारी इसलिए फिर रही हैं, क्योकि उनके रहने-खाने का इंतजाम इंसान ने छीन लिया। गाय बैल सड़कों पर आ गईं, बस यहीं से गाय सड़क दुर्घटना की वजह और शिकार बनने लगी हैं।

मवेशियों को दफनाने का उचित प्रबंधन हो

 ग्राम के बुद्धिजीवी लोगों का कहना है कि वाहनों से टकराकर प्रतिदिन मरने वाले इन मवेशियों को नेशनल हाईवे के वाहन में उठाकर सड़क के किनारे गहरी नालियों आदि में फेंक दिया जाता है जिससे यह  सड़क पर दुर्गंध मारते हैं जिसकी वजह से राहगीरों और वाहन चालकों को असुविधा होती है इसी प्रकार खुले में इन मृत मवेशियों के पड़े रहने से कुत्ते वह पक्षी उनकी हड्डियां व मांस खींचकर सड़क पर ले आते हैं जिस पर  दुपहिया वाहन आदि फिसलने पर का हर वक्त खतरा बना रहता है बुद्धिजीवी लोगों का कहना है कि मृत मवेशियों को दफनाने की शासन प्रशासन द्वारा उचित व्यवस्था की जाए साथ ही लोगों का यह भी कहना है कि इन आवारा मवेशियों के सींगो व गले में रेडियम की पट्टीयां भी लगाई जावें जिससे कि वाहन चालकों को दूर से यह मवेशी देख सकें।
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