ओने पौने दामों में नीलाम हो गए जर्जर भवन, संस्था प्रमुख नहीं अपनाया विधिवत तरीका नीलामी प्रक्रिया जांच के घेरे में, सांठ गांठ की आशंका

ओने पौने दामों में नीलाम हो गए जर्जर भवन, संस्था प्रमुख नहीं अपनाया विधिवत तरीका
नीलामी प्रक्रिया जांच के घेरे में, सांठ गांठ की आशंका


सिहोरा विकासखंड में 36 शालाओं को किया गया जर्जर घोषित, मनमाने तरीके से बेच दिया गया मटेरियल

सिहोरा

जिला प्रशासन के मुखिया डॉ इलैयाराजा टी के द्वारा जारी निर्देश में कहां गया था की विगत दिनों तेज बारिश के कारण जर्जर भवनों के गिरने से बड़ी दुर्घटना न हो इसी को दृष्टिगत रखते हुए अनहोनी से बचने हेतु जिला प्रशासन के मुखिया ने निर्देश जारी किए थे कि जहां पर नए भवन बन गए हैं और पुराने अनुपयोगी खंडहर भवन शोपीस बनकर दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे हैं उनका सर्वे कर शीघ्र उन्हें डिस्मेंटल करने की कार्यवाही की जावे।

 जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर द्वारा जिले के अंतर्गत लगभग 136 शालाओं के जर्जर भवनों को गिराने की कार्यवाही के निर्देश दिए गए। सिहोरा विकासखंड में 32 जर्जर भवनों की धवस्त व गिराने के आदेश हुए। आदेश मिलते ही संस्थाओं के प्रमुखो ने ओने पौने दामों में जर्जर भवनों को नीलाम कर दिए। अनेक जगहों पर शिकायतें प्राप्त हो रही है की शासकीय संपत्ति को नीलाम करने के लिए अपनाई जाने वाली वैधानिक प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए मनमाने ढंग से ओने पौने दामों में अपने चहेतों को जर्जर भवनों का मटेरियल नीलाम कर दिया गया। जिससे इस प्रक्रिया में अनेक जगह प्रश्नचिन्ह लग गए है। 
बताया जाता है की पुराने जर्जर भवन भले ही जर्जर हो गए है, परंतु उनमें लगे बांस, बल्ली, ख़परे, चीप दासा खिड़की दरवाजा छप्पर में लगी इमारती लकड़ी जलाऊ लकड़ी काफी मूल्यवान है। जिसे अगर सही ढंग से नीलामी की वैधानिक प्रक्रिया अपनाकर नीलाम किया जाता तो संस्था को अच्छी राशि प्राप्त हो सकती थी। परंतु ऐसा अनेक संस्थाओं में संस्था प्रमुखों द्वारा नहीं अपनाई गई जिससे संस्था को काफी नुकसान हुआ।

चहेतों को फायदा पहुंचाया गया

सूत्रों की मानें तो सिहोरा तहसील में गिराए गए जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुके स्कूलों की बिल्डिंग के मटेरियल को संस्था प्रथम प्रमुखों ओने पौने दाम पर अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए बेच दिया। इसमें संस्था प्रमुख के साथ-साथ विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की सांठगांठ बताई जा रही है। लोगों ने इस दिशा में जिला प्रशासन के प्रमुख व जिला शिक्षा अधिकारी से ध्यान देने की मांग की है। 


इनका कहना

जर्जर भवनों की नीलामी मे पारदर्शिता एवं नियम निर्देश के तहत शिक्षक पालक संघ, सरपंच व ग्राम में मुनादी कर व्यापक प्रचार प्रसार करने के उपरांत नीलामी करने के निर्देश दिए गए थे। मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई अगर शिकायत प्राप्त होती है तो इस पर जांच कर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।

पीएल रैदास, बीआरसीसी सिहोरा
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