लंबित मानदेय, फूटा महिला कर्मचारियों का गुस्सा, कलेक्टर कार्यलय पहुंच जमकर नारेबाजी




बिलासपुर। राष्ट्रीय आजीविका मिशन NRLM में कार्यरत महिलाओं ने आज बिलासपुर जिलाधीश कार्यालय पहुंचकर 4 माह से लंबित मानदेय के भुगतान सहित नियमितीकरण के जाने को लेकर ज्ञापन सौंपा इस दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए कलेक्टोरेट का घेराव कर दिया। महिलाओं ने बताया कि उन्हें मां हसले मानदेय भुगतान नहीं किया गया है जिसके चलते महिलाएं तीज पर्व में त्योहार मनाने में भी सक्षम नहीं है और महिलाओं को मायके तक जाने को नहीं मिला है। महिलाओं ने सरकार से नियमितीकरण करने की मांग की है।


रैली लेकर कलेक्टोरेट पहुंची महिलाओं ने बताया कि बिलासपुर bilaspur जिले में करीब 15 सौ महिलाएं राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत अलग-अलग ब्लॉक में काम करती हैं। उन्हें हर महीने मानदेय दिया जाता है। प्रदेश में जब विधानसभा चुनाव होने वाला था, तब कांग्रेस Congress ने अपनी घोषणा पत्र में सरकार बनने के 10 दिन के भीतर आजीविका मिशन की महिला कर्मचारियों को कलेक्टर दर से मानदेय भुगतान करने का वादा किया था। लेकिन, आज साढ़े तीन साल बाद भी सरकार उनकी कोई सुध नहीं ले रही है, जिससे महिलाओं में आक्रोश है।


कलेक्टोरेट का घेराव कर महिलाओं ने की जमकर नारेबाजी।

रेखा दुबे ने बताया कि कोटा, मस्तूरी, तखतपुर और बिल्हा सहित जिले की महिलाएं आर्थिक परेशानियों से जूझ रही है। सरकार से हम सभी महिलाएं अब सिर्फ नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। मांग पूरी नहीं होने पर महिलाओं ने बड़े आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान अनियमित कर्मचारी महासंघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सचिन शर्मा के साथ बृहस्पति यादव, सौंपने के लिए पूर्णिमा मानिकपुरी, भालती जायसवाल, दुर्गावती रत्ना निसाद , सुभद्रा, ममता तांडया, सुनिता जायसवाल , जानकी साहू, श्यामकली, लीलावति , संगीता जांगड़े , प्रभा नेताम, रेखा दुबे, विनोद कुमारी , चांदनी बंजारे सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
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