नागपंचमी में आज पान बरेजों में होगी नागबेली की पूजा

नागपंचमी में आज पान बरेजों में होगी नागबेली की पूजा
गांधीग्राम में परंपरा अनुसार चौरसिया समाज के लोग करेंगे पूजा

सिहोरा 

गांधीग्राम में परंपरा अनुसार चौरसिया समाज के पान कृषक नागपंचमी पर पान बरेजों में नागबेली अर्थात पान की पूजा विधि विधान से करेंगे। गांधीग्राम में लगभग 200 परिवार के चौरसिया परिवार की आय का मुख्य स्रोत पान बरेजे बनाकर पान की खेती करना है। समाज के भूपेन्द्र चौरसिया,खेमचंद चौरसिया, रवि चौरसिया,नरबद चौरसिया, बंटू चोरसिया, ओमप्रकाश चौरसिया ने बताया की वे पान को नागबेली भी कहते है।

 प्रतिवर्ष पान बरेजों में नागबेलि के रूप में पान के पौधे की पूजा करते हैं। सुबह बेला में पारियों में लगे पान के पौधे को सुंदर वस्त्रों से आच्छादित कर उसमें पवित्र नदियों के जल से स्नान व गाय का दूध चढ़ाया जाता है। इसके बाद स्वादिष्ट व्यंजनों का भोग लगाकर हवन आदि करते हैं। परिवार सहित इस नागबेली पूजा में शामिल होकर नागदेवता से फसल को सुरक्षित कर वृद्घि की याचना करते हैं।चौरसिया समाज का मानना है कि पूजा से न केवल पान बरेजे सुरक्षित रहते हैं अपितु बरेजों में वर्ष भर हरियाली बनी रहती है।

इन पान बरेजों में होगी पूजा

चौरसिया समाज नागपंचमी पर नागबेली की पूजा गांधीग्राम के मुख्य पान बरेजे तालाब वाले, बड़ेथर, गुरही, पंडित वारे, बाबा वारे,शहरा, खपरहिया, माह्ला, बंगरा आदि बरेजों में करेगा।
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