पुत्र की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने की हरछठ पूजा

पुत्र की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने की हरछठ पूजा


हलषष्ठी व्रत : कांस, कुसा और झड़बेरी से बनी हरछठ ,मंदिरों और घरों में हुई पूजा

सिहोरा

 महिलाओं ने बुधवार को पुत्र और परिवार की सुख समृध्दि के लिए निर्जला उपवास कर कांस, कुसा और झड़बेरी से बनी हरछठ की पूजा की गयी।  महिलाएं सुबह से तैयारी में जुट गई थी। घर में गोबर से लीप कर घर को शुद्ध कर दोपहर पूजा - अर्चना शुरु कर दी थी। हर साल भादो की छठी तिथि को मनाई जाती है। महिलाएं अपने पुत्रों के दीर्घायु होने और उन्हें असामयिक मौत से बचाने के लिए हरछठ की पूजा की।

सात प्रकार के अनाज की पूजा 

नगर और गांव-देहात में यह पूजा वही महिलाओं ने किया जिनके पुत्र हैं। महिलाओं ने एक पटे पर मिट्टी के एक दर्जन कुंढ़वा में सात प्रकार के भुने अनाज भरकर पूजा की। किंवदंती है कि हरछठ की पूजा कर पुत्र दीर्घायु होते है और उन्हें असामयिक मौत से बचाया जा सकता है, इसी चाह में महिलाएं सदियों से यह पूजा करती हैं। सिहोरा और खितौला में महिलाओं ने मंदिरों व घरों में पूजा कर बेटे के लम्बी उम्र के लिए व्रत रखा। महिलाओं द्वारा मिट्टी के एक दर्जन कुंढ़वा में सात प्रकार के भुने अनाज भरकर पूजा की गयी।
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