विद्युत व्यवस्था लड़खड़ाई

विद्युत व्यवस्था लड़खड़ाई


बिजली की आंख मिचौली से लोगों का जीना दुश्वार
बारिश में बड़ा खतरा

जरा सी हवा तूफान चलने में बंद हो जाती है बिजली
बेपरवाह बना विद्युत मंडल का अमला

सिहोरा 

 मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी सिहोरा डिवीजन के अंतर्गत स्थापित गोसलपुर विद्युत वितरण केंद्र के अंतर्गत आने वाले एक सैकड़ा गांव की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पिछले काफी दिनों से लड़खड़ा चुकी है। जरा से हवा तूफान पानी गिरने में घंटों बिजली बंद कर दी जाती है। जिससे इस उमस भरी गर्मी मे लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। वहीं नल जल योजना बुरी तरह प्रभावित हो गई है। जिसके चलते अनेक गांव में जल संकट पैदा हो गया है। वहीं बिजली पर आश्रित व्यवसाय जैसे आटा चक्की, फोटोकॉपी मशीन, तेल मिल औद्योगिक इकाइयां फैक्ट्री वेल्डिंग दुकान समेत अनेक व्यवसाय बुरी तरह चौपट हो गए हैं।

 जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है ज्ञात हो की जहां एक ओर विद्युत मंडल के उच्च अधिकारियों द्वारा बैठक में निर्देश दिए जाते हैं की गांव में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जाए, परंतु हालत यह है की 24 घंटे में महज लोगों को 15 से 16 घंटे बिजली मिल पा रही है और गांव की स्थिति तो बद से बदतर है पूरी पूरी रात बिजली बंद रहती है और स्थानीय लाइनमैन या जवाबदारअधिकारियों को फोन लगाया जाता है तो उनका फोन नहीं उठाया जाता या उठाया भी जाता है तो संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता।
प्री मानसून की बारिश के चलते इस समय जहरीले जीव जंतु खुले मैदान से भागकर घरो व बस्तियों की ओर भाग रहे हैं। जिससे रात्रि के अंधेरे में सर्पदंश जैसे अनेक जहरीले जीव जंतुओं के काटने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। वहीं इस विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने हेतु विद्युत अमला द्वारा कोई ठोस प्रयास नहीं किए जाते क्षेत्रीयजन अरूण सराफ, सुनील श्रीवास्तव, रविंद्र साहू, कमल पटैल, राहुल तंतुवाय, अमित जैन, सचिन विश्ववकर्मा, विनोद तिवारी, राजा दुबे, मुकेश मोटवानी, रामू श्रीवास, एडवोकेट अरविंद पटेल, शेलू विशवकर्मा का कहना है की जरा सी बारिश हवा चलने में तुरंत बिजली बंद कर दी जाती है। जिससे लोगों के जीवन में बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
विद्युत मंडल के प्रबंध निदेशक से इस ओर ध्यान देने की मांग की है।
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