जमीन का विवाद सुलझाने के साथ-साथ रिश्तों को भी संवारा एसडीएम सिहोरा के आदेश ने बारह साल से अलग रह रही नेत्रहीन बहन ने भाईयों को बांधी राखी

जमीन का विवाद सुलझाने के साथ-साथ रिश्तों को भी संवारा एसडीएम सिहोरा के आदेश ने
बारह साल से अलग रह रही नेत्रहीन बहन ने भाईयों को बांधी राखी


सिहोरा 

जमीन के विवाद के कारण भाई-बहन के रिश्ते में बारह वर्ष पहले पड़ी दरार को एसडीएम सिहोरा ने न केवल अपने निर्णय से क्षण भर में पाट दिया बल्कि राजी खुशी भरे माहौल में बहन से भाईयों को राखी भी बंधवाई और दोनों भाईयों से अपनी नेत्रहीन अविवाहित बहन का अच्छे से देखभाल करने का वादा भी ले लिया। 


एसडीएम सिहोरा ने बताया कि उनके न्यायालय में दो भाईयों द्वारा नायब तहसीलदार मझौली के नेत्रहीन बहन के नाम जमीन का एक हिस्सा कर देने के आदेश के विरूद्ध अपील की गई थी। अपील में मझौली तहसील के ग्राम कुकरई निवासी भाईयों ब्रजलाल और सुदर्शन प्रसाद दाहिया ने आग्रह किया कि उनकी बहन कल्लूबाई कुछ लोगों के बहकावे में आकर उनसे अलग रह रही है। लोगों के ही कहने पर वह अपने हक की जमीन का एक हिस्सा बेच भी चुकी है लेकिन इससे भी उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया बल्कि वह अभी भी भरण-पोषण करने के लिए दर-दर भटक रही है। भाईयों ने अपील में अनुरोध किया था कि 68 साल की उम्र और नेत्रहीन होने की वजह से उनकी बहन अब ऐसी स्थिति में नहीं है कि अपने हितों का ध्यान रख सके। उसके हक की जमीन को अभी भी खुर्द-बुर्द करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

एसडीएम सिहोरा ने बताया कि भाईयों की इस अपील पर दोनों पक्षों को पेशी पर बुलाया गया और आपस की कटुता को भुलाकर साथ रहने की समझाईश दी गई। एसडीएम सिहोरा के मुताबिक बहन और भाईयों को दी गई इस समझाईश का असर यह हुआ कि वे साथ में रहने को राजी हो गये और राजीखुशी भरे माहौल में बहन ने सारे गिले शिकवे भूलकर बारह साल बाद अपने दोनों भाईयों को राखी भी बांधी। श्री पांडे ने बताया कि दोनों भाईयों को बहन का अच्छे से ख्याल रखने और हमेशा उसे अपने साथ रखने की शर्त पर उसके हक की भूमि पर उसके जीवनकाल तक संरक्षक के रूप में बड़े भाई और ग्राम कोटवार ब्रजलाल दाहिया का नाम दर्ज करने का आदेश पारित किया गया, ताकि जमीन खुर्द-बुर्द न हो सके।
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