या हुसैन... या अली की गूंज

या हुसैन... या अली की गूंज 










शहीदी पर्व मोहर्रम पर सिहोरा में निकला ताजिया-सवारियों का  जुलूस

 सिहोरा

पैगम्बर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद (स.) के नवासे हजरत इमाम हुसैन (रजि.) की शहादत के पर्व मुहर्रम की मंगलवार को दसवीं तारीख योमे आशूरा पर नगर में ताजिया जुलूस निकाला गया। दोपहर असर की नमाज के बाद सरावगी मुहल्ला में नगर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से आए ताजियों-सवारियो के साथ दोपहर 5 बजे से जुलूस की शुरुआत हुई। सैकड़ों की तादात में



 मुस्लिम धर्मावलंबी या हुसैन के नारे लगाते चल रहे थे।
 जुलूस सरावगी मोहल्ला से शुरू होकर काल भैरव चौक, झंडा बाजार, कटरा मोहल्ला पहुंचा, जहां मुस्लिम धर्मावलंबी अपने कांधों पर ताजिया लिए या हुसैन... या अली के नारे लगाते चल रहे थे। कटरा मोहल्ला स्थित करबला में जुलूस का समापन हुआ, जहां ताजियों को ठंडा किया गया। पोंड़ा स्थित बड़े पीर की जमार के पास पिपरिया, आश्रम कॉलोनी, पोंड़ी से ताजिया इक_े हुए।  जहां से मोहर्रम जुलूस निकाला गया। अखाड़ों के प्रदर्शन के बाद ताजिए कर्बला (पोंड़ा तालाब) में ठंडे हुए। धनगवां में भी मुहर्रम पर जुलूस निकाला गया।     
                          

अखाड़ों प्रदर्शन, जगह-जगह लंगर

जुलूस के दौरान अखाड़ों ने श्वांस रोकने वाले  हैरत अंगेज करतब का प्रदर्शन किया, जिसको देखकर लोग दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर हो गए। इसमें आजाद चौक अखाड़ा और कंकाली मोहल्ला के नौजवानों ने लाठी, तलवार के एक से बढक़र एक करतब पेश किए। नगर की विभिन्न कमेटियों द्वारा जुलूस में लोगों को लंगर भी तकसीम किया गया।  
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