मनोहारी रूप में विराजे गजानन, दर्शन करने निकले श्रद्धालु

मनोहारी रूप में विराजे गजानन, दर्शन करने निकले श्रद्धालु








प्रथम पूज्य गौरी के नंदन की आराधना में डूबे भक्त, सिहोरा-खितौला सहित ग्रामीण क्षेत्रों में गणेशोत्सव की धूम

सिहोरा

गणपति आराधना के दस दिनी गणेशोत्सव की सार्वजनिक धूम धीरे धीरे उत्कर्ष पर आ रही है। सिहोरा-खितौला सहित ग्रामीण क्षेत्रों के पंडालों में मूर्ति स्थापित हो गई है। दर्शनार्थी दर्शन को निकले।  इस कारण भक्ति के सर्वत्र नजारे देखे जा रहे हैं। 


घरों में भी भक्ति का माहौल

पंडालों से इतर घरों में भी भक्ति भाव का माहौल है। अधिकांश घरों में शाम के वक्त भजन-कीर्तन, गाने-बजाने का दोर देखा जा रहा है। सुंदर कांड करने वाली मंडलियों, जागरण मंडली से लेकर महिलाओं के भजनों की भी शानदार प्रस्तुतियां हो रहीं हैं। गौरा गणेश को भजन सुनाने महिलाएं उतावली सी हैं। एक-एक मंडल पर कई जगह भजन गाने का दबाव है। उनका भी प्रयास है कि कम से कम 5 भजन तो सब जगह गा ही दिए जाएं। गणपति जी अधिकांश घरों में परिवार के हिस्से जैसे अनुभव किए जा रहे हैं।

बड़ी मूर्तियों का लौटा दौर

दो साल तक बड़ी मूर्तियों से अधिकांश पंडाल वालों ने परहेज किया था। इसका कारण कोरोना को लेकर उत्साह पर खलल था, लेकिन इस बार कई जगह बड़ी मूर्तियों के आर्डर दिए गए हैं। इस बार नदियों तालाबों में पानी भी भरपूर है। इस कारण विसर्जन स्तर पर लेकर छोटी-बड़ी मूर्ति का कोई सवाल नहीं है। यदि बड़ी मूर्ति बनी तो भी विसर्जन में असुविधा नहीं होगी।
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