आजादी के बाद पहली बार धरमपुरा गांव में बजेगी मोबाइल की घंटी

आजादी के बाद पहली बार धरमपुरा गांव में बजेगी मोबाइल की घंटी


सिहोरा तहसील का यह गांव गहराई में बसा है, मोबाइल नेटवर्क से था अछूता, अधिकारियों ने किया निरीक्षण, जल्द लगेगा मोबाइल टावर


सिहोरा 

सिहोरा तहसील के धरमपुरा गांव में आजादी के बाद पहली बार जल्द ही मोबाइल की घंटी बजेगी। अधिकारियों ने गांव का निरीक्षण किया और जल्द ही यहां मोबाइल टावर लगाए जाएंगे। देश की आजादी के बाद भले ही संचार क्रांति के बाद गांव गांव संचार के माध्यम में बढ़ोतरी हुई इसी कारण गांव के समग्र विकास में तेजी आई, लेकिन धरमपुरा गांव के बाशिंदे कई दशकों से संचार क्रांति की मुख्यधारा से अलग-थलग पड़े थे। 


गहराई में बसा गांव, नहीं मिलते थे मोबाइल टावर

धर्मपुरा गांव बहुत गहराई में बसा हुआ है जिसके चलते यहां मोबाइल टावर नहीं मिलते थे। यही कारण है जिसके चलते यहां रहने वाले लोग संचार क्रांति के युग में मोबाइल टावर की घंटी सुनने के लिए तरस गए थे। 

मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से कोरोना काल छात्र-छात्राएं पढ़ाई से रह गए वंचित

मोबाइल टावर का नेटवर्क नहीं होने के कारण कोरोना काल में स्कूली छात्र छात्राओं को अनेक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई से वंचित रहना पड़ा और अपना साल भी गंवाना पड़ा। 

कलेक्टर को सौंपा था मांग पत्र

गोसलपुर में अल्प प्रवास पर आए जबलपुर कलेक्टर इलैया राजा टी को धरमपुरा के नव युवकों ने जन सेवा समिति गोसलपुर के माध्यम से मोबाइल टावर की समस्या को लेकर एक मांग पत्र सौंपा। साथ ही अपनी पीड़ा भी कलेक्टर के सामने व्यक्त की। कलेक्टर की सराहनीय पहल पर तत्काल मोबाइल टेलीकॉम कंपनी के अधिकारियों की टीम ने धर्मपुरा गांव पहुंचकर टावर लगाने के लिए निरीक्षण किया। साथी टावर लगाने के लिए भूमि भी चिन्हित कर ली। अब जल्द ही टेलीकॉम कंपनी यहां पर मोबाइल के टावर खड़े करेंगी।
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