उल्टी-दस्त की चपेट में ग्रामीण, दूषित पानी पाइप लाइन से पहुंच रहा घरों में

उल्टी-दस्त की चपेट में ग्रामीण, दूषित पानी पाइप लाइन से पहुंच रहा घरों में


जनपद पंचायत सिहोरा की ग्राम पंचायत मझगवां :  10 से 12 दिनों में 35 पीड़ित पहुंचे पीएचसी में, पीएचई विभाग ने लिए पानी सप्लाई के सैंपल

मझगवां 

जनपद पंचायत सिहोरा की ग्राम पंचायत मझगवां में महिलाएं बच्चे और बुजुर्ग उल्टी और दस्त की चपेट में आ रहे हैं। पिछले 10 से 12 दिनों की बात की जाए तो करीब 30 से 35 उल्टी-दस्त से पीड़ित लोग पीएचसी मझगवां में पहुंचे हैं। गंभीर रूप से कई पीड़ित जबलपुर के निजी अस्पतालों में भी भर्ती हुए। हालत यह है कि ग्राम पंचायत द्वारा घरों में सप्लाई होने वाले बोरिंग के पानी में कीड़े आ रहे हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि बोरिंग से घरों में होने वाली जलापूर्ति की पाइप लाइन में नालियों का दूषित पानी मिल रहा है।


पीएचसी मझगवां से हासिल जानकारी के मुताबिक पिछले 10 से 12 दिनों में 35 से 40 महिलाएं और बुजुर्ग उल्टी-दस्त से पीड़ित होने पर इलाज के लिए पहुंचे। इसके साथ ही उल्टी दस्त से कई गंभीर मजीद जबलपुर के निजी अस्पताल में भी अपना इलाज करवा रहे हैं। 

पांच बोरिंग से होती है गांव में जलापूर्ति

ग्राम पंचायत मझगवां में पांच बोरिंग के माध्यम से जलापूर्ति होती है। वार्ड क्रमांक 5 आदर्श चौक में होने वाली जलापूर्ति में कीड़े निकालने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा गांव के अन्य भागों में भी क्रम से यही स्थिति देखने को मिल रही है।

पीएचई विभाग ने लिए सैंपल, अभी तक नहीं आई रिपोर्ट
जानकारी के मुताबिक लगातार उल्टी और दस्त के मरीज ग्राम पंचायत मझगवां में सामने आने के बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने अलग-अलग बोरिंग से गांव में होने वाली जलापूर्ति के सैंपल लिए है लेकिन अभी तक उसकी रिपोर्ट सामने नहीं आई है। 


इनका कहना

ग्राम पंचायत मझगवां में पिछले दो सप्ताह के दौरान लगातार उल्टी और दस्त के मरीज सामने आए हैं। इनमें महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। कई गंभीर उल्टी दस्त के मरीजों ने जबलपुर में भी इलाज कराया है। ग्राम पंचायत को बोरिंग से होने वाली घरों में जलापूर्ति की जांच के लिए कहा गया है। 

डॉक्टर दीपक गायकवाड, बीएमओ मझगवां
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