शिव धनुष तोड़ने वाला तो शिव का ही प्यारा होगा श्रीराम




रामलीला मंचन : शिव धनुष टूटा देख ऋषि परशुराम क्रोधित हुए।


श्रीराम की छाती में भ्रगु ऋषि के चरण देख शांत हुए परसराम

सिहोरा 

गांधीग्राम में सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति राम जानकी मंदिर मानस भवन गांधीग्राम के  तत्वाधान में गांधीग्राम मानस भवन में रामलीला मंचन किया जा रहा है ।श्री राम परशुराम संवाद की लीला मंचन के अनुसार शिव धनुष टूटने पर शिव भक्त परशुराम का प्रभु श्रीराम से उग्र संवाद हुआ ।क्रोधित अवस्था में भगवान परशुराम ने जब श्रीराम पर प्रहार करने हेतु फरसा उठा लिया।श्रीराम ने कहा कि प्रभु शिवधनुष तोड़ने वाला शिव का ही प्यारा होगा।तब श्री राम ने अपने सीने में भ्रगु ऋषि के चरण का अवलोकन कराया तो परशुराम का क्रोध शांत हो गया। 



उसके बाद परशुराम ने कहा की "राम रमापति कर धनु लेहू खींचो चाप मिटे संदेहू " परशुराम ने श्रीराम से कहा कि मेरे पास भगवान विष्णु का दिया हुआ या सारंग धनुष इसकी प्रत्यंचा को खींचकर मेरा संदेह समाप्त कीजिए। प्रभु श्रीराम ने सारंग धनुष को अपने हाथों में लेकर धनुष की प्रत्यंचा को अपने कान तक खींचकर अपना परिचय दिया। यह दृश्य देख भगवान परशुराम को एहसास हुआ कि श्रीराम तो साक्षात भगवान विष्णु का अवतार है। परशुराम ने पाश्चाताप वा छमा याचना की और प्रभु श्रीराम को और लक्ष्मण को सीने से लगा लिया। 
   रामलीला में प्रभु श्री राम परशुराम लक्ष्मण सीता को एक साथ दृश्य मंचन ग्राम के अनेक लोगों ने मंच पर आरती वंदन की ।इस दौरान आयोजन सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति मानस भवन गाँधीग्राम के पदाधिकारी व ग्रामवासी उपस्थित थे रामलीला को देखने के लिए दूरदराज के ग्रामों के लोग हैं बड़ी संख्या में पहुंचे रहे है। भगवान श्रीराम,सीता,लक्ष्मण, ऋषी विश्वामित्र की मंच पर आरती पूजन मन्दिर समिति अध्यक्ष प्रताप सिंह बघेल व रामजानकी मन्दिर में पुजारी पुनीत तिवारी पूजन अर्चन कर मन्दिर  में पूर्व जनपद अध्यक्ष प्रताप सिंह बघेल, दुर्गोत्सव समिति रामजानकी मंदिर मानस भवन के अध्यक्ष महेश सेन, व्यवस्थापक अजय राज गौतम, पुष्पराज सिंह बघेल, राजमणि सिंह बघेल, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण काछी, गजराज सिंह बघेल,हरिशंकर तिवारी,विजय चौरसिया, विनोद असाटी, भागचंद साहू,,नरेश असाटी, भूरा चौरसिया आदि ने किया।
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