दिवाली से पहले बुझा घर का चिराग, उजड़ा मांग का सिंदूर

"दिवाली से पहले बुझा घर का चिराग, उजड़ा मांग का सिंदूर"


नेशनल हाईवे 30 गांधीग्राम में हाईवा की टक्कर से मृत राम जी और आशीष का शुक्रवार को सिहोरा मर्चुरी में हुआ पोस्टमार्टम, गमगीन माहौल में परसेल गांव में हुआ अंतिम संस्कार

सिहोरा 

सिहोरा के आखरी और पान उमरिया की सीमा के अंतिम गांव परसेल गांव के मढ़िया मोहल्ला में शुक्रवार को दो घरों से एक साथ अर्थियां उठने के साथ ही लोगों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रही। गांव के लोग उस वक्त को कोस रहे थे, जब आशीष और राम जी उस रास्ते से लौट रहे थे। दिवाली से पहले घर का चिराग 15 वर्षीय का आशीष चौधरी बुझ गया। वही 25 वर्षीय राम जी की मौत होने से पत्नी साबरी का सुहाग उजड़ गया। सिहोरा में पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव परसेल गांव पहुंचे, जहां गमगीन माहौल में गांव के पास स्थित मुक्तिधाम में दोनों का अंतिम संस्कार किया हुआ।


ससुराल से घर लौट रहा था राम जी

परसेल निवासी राम जी चौधरी गुरुवार को मोटरसाइकिल क्रमांक एमपी 20 एमबी 1543 से अपनी ससुराल झगरा गया था। साथ में गांव की आशीष चौधरी को भी साथ में ले गया था। दोनों मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे। गोसलपुर थाना नेशनल हाईवे 30 गांधीग्राम बाईपास रोड पर सामने से आ रहे डंपर क्रमांक एमपी 20 एचबी 4854 ने मोटरसाइकिल को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों सामने के हिस्से में फंस गए और हाईवा काफी दूर तक दोनों को घसीटते ले गया जिससे गंभीर चोट आने पर दोनों की मौत हो गई। 


विधवा मां का छिन गया इकलौता सहारा

हादसे में मृत आशीष घर का इकलौता बेटा था। विधवा मां चिरौंजी भाई और बहन शिवानी की देखरेख और घर चलाने की जिम्मेदारी आशीष पर ही थी। आशीष की मौत ने मां चिरौंजी भाई और बहन शिवानी को तोड़ कर रख दिया। हादसे के बाद दोनों अपनी सुध बुध खो बैठी हैं।
Previous Post Next Post