संकेतकों के अक्षर,मात्रा नही सुधार पाया एनएचआई

संकेतकों के अक्षर,मात्रा नही सुधार पाया एनएचआई


बड़ेरा को बढेरा और धरमपुरा को धरमपुर लिख दिया

अब भटक रहे वाहन चालक और राहगीर।

सिहोरा

लगभग दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जबलपुर-सिहोरा हाईवे सड़क किनारे लगे संकेतक बोर्ड में अक्षर,मात्रा की गलतियों को नही सुधार सका है। आमतौर पर मुख्य चौराहों और चौराहों पर लगे संकेतक लोगों को सही गाँवों और सही स्थान पर जाने का संकेत देते हैं और लोग इन संकेतक बोर्ड पर भरोसा करके उनके बताएं स्थान और दिखाई गयी दिशा में भरोसा करके चल देते हैं। वही राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 जबलपुर सिहोरा मार्ग गाँधीग्राम के पहले कुशनेर तिराहे पर बड़ेरा तिराहा हैं, परन्तु संकेतक बोर्ड में बढेरा लिखा हुआ है।जबकि बढेरा नाम का आसपास कोई गांव ही नहीं है।

इसके अलावा गाँधीग्राम के आगे फोरलेन हाइवे से धरमपुरा तिराहा है, यहाँ भी संकेतक बोर्ड में धरमपुर ही लिखा हुआ है। गलत नाम प्रदर्षित करने वाले संकेतक बोर्ड के गलत दिशा के तीरों की वजह से वाहन चालक और राहगीर दिन व रात में भटक रहे हैं।
बुद्धजीवी वर्ग की मांग है कि केवल गाँवों के नाम सही करके व कुछ संकेतक बोर्ड में तीरों को सही दिशा में कर परेशानी का निराकरण किया जा सकता है लेकिन लगभग 2 साल गुजर जाने के बाद भी समस्या जस की तस है।
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