हाइवे के हर तिराहे-चौराहों पर आवारा मवेशियों का झुण्ड, यातायात में परेशानी

हाइवे के हर तिराहे-चौराहों पर आवारा मवेशियों का झुण्ड, यातायात  में परेशानी
मवेशियों के गोबर से फिसलते हैं बाइक चालक


सिहोरा 

 सिहोरा-कटनी हाईवे की एनएच- 30 फोरलेन सड़क मार्ग पर प्रत्येक तिराहे, चौराहों पर आवारा मवेशियों का झुंड लगता है, जो यातायात में समस्या बढ़ा रखी है। ये मवेशी दिन रात सड़क पर गोबर(मलमूत्र)कर देते हैं,  वाहनों के आने जाने से यह गोबर सड़क पर फैल जाता व जगह जगह चिपक जाता है, चिकनाई युक्त होने के कारण दुपहिया वाहन चालक फिसल कर गिर जाते हैं। वर्तमान समय में देखा जा रहा है कि आवारा मवेशियों के झुंड हाईवे के गांधीग्राम, कुशनेर, बरनु, जुझारी,पहरेवा नाका,चौराहों,तिराहों, डायवर्सन मार्गों, हिरन नदी पुल, बघेला नाला बेधड़क सड़कों पर विचरण करते हैं व घण्टों बैठे रहते हैं। इससे बच्चों, महिलाओं और वृद्घों को सर्वाधिक परेशानी हो रही है।समस्या के साथ ही  नागरिकों की परेशानी और बढ़ा देते हैं। 

इन क्षेत्रों में ज्यादा परेशानी

 राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 की मुख्य सड़क पर झुंड के रूप में आवारा मवेशियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी से नागरिकों की पीड़ा लगातार बढ़ रही है।मवेशियों के कारण घर से निकलना जोखिम भरा रहता है। जानकारी के अनुसार एनएच-30 जबलपुर सिहोरा सड़क मार्ग पर क्रमशः  कूड़ा-कंजई तिराहा गांधीग्राम, कुसनेर, बस स्टैंड गांधीग्राम, उच्च्.माध्य. विद्यालय गांधीग्राम,रामपुर, बरनु तिराहा, स्टेशन तिराहा, जुझारी,कछपुरा, मोहतरा,घाट सिमरिया हिरन नदी पुल आदि स्थानों पर दिन व रात के समय आवारा मवेशी गाय बैल की हर वक्त मौजूदगी बड़ी समस्या बनी हुई है मवेशियों की उपस्थिति की वजह से न केवल यातायात प्रभावित होता है, अपितु  लोग वाहनों से जान जोखिम में डालकर यातायात कर रहे हैं। शासन-प्रशासन द्वारा इस संबंध में समुचित कार्यवाही न किए जाने के कारण समस्या अत्यंत जटिल होती जा रही है।

मवेशियों की  सड़क पर उपस्थिति से परेशानी

एनएच- 30 मुख्य सड़क मार्ग पर आवारा मवेशियों की उपस्थिति से अनेक बार एक्सीडेंट हो चुके हैं जिसमें दुर्घटना ग्रस्त लोगों की जानें भी जा चुकी है।इन आवारा मवेशियों की वजह से विशेषतह बच्चे महिलाएं एवं वृद्ध असुरक्षित रहते हैं। हर वक्त अनचाही दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।साथ ही ग्राम व शहर की सुंदरता मवेशियों से प्रभावित होती है।शहर के यातायात में  बाधक बनते हैं।सड़क दुर्घटना का कारण अधिकांशतः मवेशी होते हैं।सफाई व्यवस्था भी इन्ही के कारण बाधित होती है।ग्रामवासियों ने बताया कि एनएच-30 के किनारे के ग्रामों में बसी जनता व राहगीरों को   समस्या से  निजात नही मिल रही है।ग्राम पंचायतों को एवं प्रशासन को कर्मचारियों के माध्यम से शहर में मवेशी पकड़ो अभियान जारी कर  प्रतिदिन मवेशियों को पकड़कर गोशाला भेजना चाहिए।नागरिकों की सुविधा के लिए ग्राम पंचायतें कोई प्रयास नही कर रही है। पशु मालिक भी इन्हें सड़कों पर छोड़ने से बाज नही आ रहे।हाइवे पर से इन मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की व्यवस्था भी प्रशासन व सम्बंधित विभाग को करना चाहिए।
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