147वीं जयंती पर आदिवासी शबरी महासंघ ने आदिवासी जननायक को किया नमन

अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष और जनजाति समाज के विकास में भगवान बिरसा मुंडा का योगदान अविस्मरणीय


147वीं जयंती पर आदिवासी शबरी महासंघ ने आदिवासी जननायक को किया नमन

सिहोरा के वार्ड क्रमांक 7 गढ़िया मोहल्ला बड़े बाबा शबरी धाम में आयोजन

सिहोरा 

जनजाति समाज के विकास और अंग्रेजी हुकूमत के लिए किया गया भगवान बिरसा मुंडा का योगदान अविस्मरणीय है। भगवान बिरसा मुंडा की 147वीं जयंती पर उनके बताए मार्ग पर चलकर जनजाति समाज के विकास और उत्थान के साथ देश की उन्नति में अपना योगदान दें। यह बात जिला पंचायत जबलपुर की सदस्य आशा गोंटिया ने मंगलवार को मुख्य अतिथि के रूप में आदिवासी शबरी महासंघ शाखा सिहोरा द्वारा अमर शहीद क्रांतिकारी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती समारोह में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित जनजाति समुदाय से कही।


आदिवासी शबरी महासंघ वार्ड क्रमांक 7 गढ़िया मोहल्ला बड़े बाबा शबरी धाम में आदिवासी सबरी महासंघ सिहोरा शाखा के अध्यक्ष रवि कुमार गोंटिया की अध्यक्षता, आदिवासी शबरी महासंघ जबलपुर के संरक्षक कुंजीलाल गोंटिया, आदावासी शबरी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रोशनलाल कोल, विमल किशोर गोंटिया, मुन्नालाल गोंटिया, कंधीलाल गोंटिया, पूर्व पार्षद रुकमणी गोंटिया, कोदुलाल गोंटिया, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जमुना मरावी, सोमवारू कोल, भैया जी कोल, चुरामन कोल के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बिरसा मुंडा के तैल चित्र के समक्ष माल्यार्पण दीप प्रज्वलन और नमन के साथ हुआ।

"एक तीर एक कमान आदिवासी एक समान" की गूंज

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में "एक तीर एक कमान आदिवासी एक समान", "भगवान बिरसा मुंडा अमर रहे" के उद्घोष से कार्यक्रम स्थल गूंज उठा। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के साथ समाज के विकास और उत्थान में दिए गए उनके योगदान को बताया। कार्यक्रम में श्री होरा शाखा के संरक्षक संतोष गोंटिया, शंभू गोंटिया, लटूरी लाल गोंटिया, गुलाब सिंह मरकाम, राजकुमार गोंटिया, अशोक गोंटिया, राजू गोंटिया, जवाहर कोल, रामलोचन कोल, शंकर वंशकार के जनजाति समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
Previous Post Next Post