एक माह में 450 सुअरों की संदिग्ध मौत ! नगर पालिका सिहोरा के अलग-अलग क्षेत्रों का मामला

एक माह में 450 सुअरों की संदिग्ध मौत !


नगर पालिका सिहोरा के अलग-अलग क्षेत्रों का मामला :  वायरस या कोई बीमारी से हुई मौत जिम्मेदारों के पास नहीं कोई जानकारी

मृत सुअरों को एमएसडब्ल्यू की कचरा गाड़ी से उठवा कर गुपचुप तरीके से दफना दिया

सिहोरा

कुछ माह पहले मवेशियों में फैली लंपी स्किन डिजीज (एसएसडी) के कारण सरकार को अलर्ट जारी करना पड़ा था। आम लोगों में इस वायरस के चलते घबराहट और दहशत भी देखने को मिली। नगर पालिका क्षेत्र सिहोरा में बीते एक माह (1 अक्टूबर से 1 नवंबर) के दौरान लगभग 450 सुअरों की संदिग्ध मौत हो गई। इतनी बड़ी संख्या में सुअरों की मौत की मौत किसी वायरस या बीमारी के चलते हुए इसकी जानकारी नगरपालिका के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के पास नहीं है। 


अलग-अलग क्षेत्रों में हुई सुअरों की मौत

जानकारी के मुताबिक नगर पालिका सिहोरा के अलग-अलग क्षेत्रों में सुअरों की मौत के मामले सामने आए हैं। वार्ड क्रमांक 1 से 18 तक अलग-अलग वॉर्डों में सुअरों की मौत हुई है। सूत्रों की माने तो 1 अक्टूबर से लेकर 1 नवंबर तक औसतन 12 से 15 सुअरों की मौत के मामले सामने आए हैं।

गुपचुप तरीके से खितौला कचरा डंपिंग यार्ड में दफनाया

मृत सुअरों को नगरपालिका की एमएसडब्ल्यू गाड़ी में लादकर गुपचुप तरीके से खितौला स्थित कचरा डंपिंग यार्ड के पास दफना दिया गया। सबसे अजीब बात तो यह है कि सुअर पालकों ने सुअरों के मृत होने की जानकारी न तो नगरपालिका को देना उचित समझा और न ही नगर पालिका ने इतने गंभीर मामले में कोई जानकारी जुटाने की कोशिश की। सूत्रों की मानें तो नगर पालिका द्वारा ही एमएसडब्ल्यू की कचरा गाड़ी से मृत सुअरों को डंपिंग यार्ड तक पहुंचाया गया और उन्हें दफना दिया गया।


वायरस या किसी गंभीर बीमारी से हो सकती है सुअरों की मौत !

जानकारों की माने तो इतनी बड़ी संख्या में एक माह के अंदर सुअरों की संदिग्ध मौत किसी वायरस या बीमारी के कारण होना ही संभव है। सुअरों की इतनी बड़ी संख्या में मौत होने पर नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत इसकी जानकारी पशु चिकित्सा विभाग को देनी थी। साथ ही मृत सुअरों का पोस्टमार्टम कराकर इसकी सेंपलिंग करवाई जाती ताकि इस बात का खुलासा हो सकता कि आखिर सुअरों की मौत किन कारणों से हो रही है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

नगर पालिका क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में मृत मवेशियों और सुअरों को एमएसडब्ल्यू की कचरा गाड़ी उठाया जाता है साथ ही उन्हें व्यवस्थित तरीके से दफना देते हैं। सुअर पालकों ने सुअरों की संदिग्ध मौत को लेकर कोई भी शिकायत नहीं की। हालांकि सुअरों की संदिग्ध मौत को लेकर पशु चिकित्सा विभाग को पत्र लिखा गया है।

लक्ष्मण सारस, मुख्य नगरपालिका अधिकारी सिहोरा
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