धान की पकी फसल गिरने से उत्पादन प्रभावित रसायन का अधिक उपयोग बना कारण

धान की पकी फसल गिरने से उत्पादन प्रभावित रसायन का अधिक उपयोग बना कारण


सिहोरा

सिहोरा तहसील के अंतर्गत सभी गांव में किसानों द्वारा बहुतायत मात्रा में खरीफ के सीजन में धान की फसल लगाई गई थी। परंतु पिछले पखवाड़े से
धान की फसल में पकने के बाद फसल खेत में गिर रही है जिससे निश्चित रूप से धान के उत्पादन में गिरावट देखने को मिली, वही दाना कमजोर और भदरंगा भी देखने को मिल रहा है।

किसानों का कहना है की अधिक वर्षा होने के कारण धान का पौधा अधिक बडबार ले लिया है। इसलिए फसल पकने के बाद गिर रही है। जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है वही धान कटाई में हार्वेसिंटग के समय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वही कृषि विशेषज्ञों की मानें तो किसानों द्वारा अत्यधिक रासायनिक उर्वरक व यूरिया का प्रयोग करने के कारण धान के पौधा की वानस्पतिक रूप से
अत्यधिक वृद्धि होने के कारण धान की फसल गिर रही है। किसानों का कहना है की फसल गिरने की समस्या पूर्व में एकाध किसानों के खेतों में देखने को मिलती थी परंतु इस साल बडी संख्या मे किसानों के खेत में यहसमस्या देखने को मिल रही है।फसल गिरने से उत्पादन कम हो रहा है जिससे किसानों की
आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। किसानों ने इस सबंध में कृषि विशेषज्ञों व विभागीय अमले से उचित मार्गदर्शन प्रदान करने की मांग की है।


इनका कहना 

किसानों द्वारा अनुशंसित खुराक से अधिक यूरिया व रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग किया जा रहा है।
जिस कारण पौधे की अत्यधिक वानस्पतिक वृद्धि हुई है। जिस कारण यह समस्या पैदा हुई है।

डॉ. यतीराज खरे, कृषि विशेषज्ञ कृषि विज्ञान केंद्र जबलपुर
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