राम के चरित्र को धारण करने वाला ही श्रीकृष्ण की लीला को समझेगा- वेदांती जी श्रीकृष्ण,जन्म पर झूमने लगे श्रद्धालु

राम के चरित्र को धारण करने वाला ही श्रीकृष्ण की लीला को समझेगा- वेदांती जी
 श्रीकृष्ण,जन्म पर झूमने लगे श्रद्धालु 


सिहोरा

जो भी भक्त प्रभु श्रीराम के चरित्र को जीवन में धारण करेगा वो श्रीकृष्ण की लीला को समझेगा उक्ताशय के विचार आचार्य सियावल्लभदास वेदांती जी महाराज ने वार्ड नम्बर 8 बखरी के पास चल रही सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा चौथे दिन शनिवार को श्रीराम, कृष्ण जन्मोत्सव पर व्यासपीठ से व्यक्त किए। भगवान श्री कृष्ण का जैसा ही जन्म हुआ और बाल श्री कृष्ण को सुंदर वस्त्रों में सुसज्जित कर लाया गया वैसे ही कथा स्थल पर श्रोता नाच उठे बाल श्री कृष्ण के सजीव चित्रण को महसूस कर सजे हुए बालकृष्ण को अपनी गोद में लेकर आयोजक व भक्तगण नाच उठे। श्रीमद् भागवत कथा वाचक वेदांती जी महाराज ने श्रोताओं को भगवान विष्णु के राम अवतार एंव कृष्ण अवतार की लीला के बारे में विस्तार पूर्वक श्रद्धालुओं को बताया। उन्होंने कहा मुसीबत में केवल भगवान ही इंसान का साथ देते हैं। जबकि प्राणी मोहमाया और परिवार के माया जाल में फसकर प्रभु को भूल जाता है।


       भगवान श्री कृष्ण जन्म की कथा भक्तों को श्रवण कराते हुए कहा कि जब श्रीकृष्ण का जन्म हुआ तो अपने आप जेल के ताले खुल गए। और वासुदेव की बेडिया खुल गई। वासुदेव भगवान श्रीकृष्ण को जो कि इस संसार के पालन हार है एक टोकरी में लेकर अथाय यमुना नदी को पार कर यशोदा मां और नंदलाल के पास छोड़ जाते हैं। जिसकी कानो-कान खबर कंस को नहीं लग पाती।  भगवान श्रीकृष्ण के गोकुल में आनंद भयों जय कन्हैयालाल की हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैयालाल की सहित अनेक भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को आनंदित कर दिया। कृष्ण जन्मोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं   को गुड़ व मगज के लड्डू का प्रसाद वितरण किया गया। कथा के पूर्व रामेश्वर प्रसाद,श्रीमती कमला मिश्रा, अतुल,प्रतिभा मिश्रा, दीपक पिंकी मिश्रा,अर्चना पांडे,करुणा तिवारी, मुक्ति तिवारी,गोपाल पाठक आदि ने व्यासपीठ का पूजन किया।
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