आक्रोशित किसानों ने किया सिहोरा बिजली कंपनी के कार्यालय का घेराव, धरने पर बैठे

आक्रोशित किसानों ने किया सिहोरा बिजली कंपनी के कार्यालय का घेराव, धरने पर बैठे




सिहोरा और मझौली क्षेत्र के गांव में ठप्प सैकड़ों ट्रांसफार्मर, आड़े तिरछे गिरे पड़े बिजली के पोल, झूल रही विद्युत लाइनें

बिजली कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी नहीं देते ध्यान


सिहोरा 

रबी सीजन में किसानों को कुछ ही दिनों में थ्री फेस बिजली की जरूरत पड़ेगी, लेकिन सिहोरा और मझौली क्षेत्र की अधिकतर  वितरण केंद्रों के अंतर्गत आने वाले गांव में सैकड़ों ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं, बिजली कंपनी के अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद खराब पड़े ट्रांसफार्मरों को बदला नहीं जा रहा है। जिसको लेकर आक्रोशित किसानों ने सोमवार को बिजली कंपनी के सिहोरा स्थित संभागीय कार्यालय का घेराव कर दिया। आक्रोशित सैकड़ों  किसान बिजली कंपनी के कार्यालय के गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना था कि जब तक बिजली कंपनी के डीई खराब ट्रांसफार्मरों के सुधार को लेकर कोई वाजिद जवाब नहीं दे देते, उनका धरना जारी रहेगा।


मौके पर नहीं मिले जिम्मेदार अधिकारी, भड़के के किसान धरने पर बैठे

 जिला पंचायत सदस्य प्रदीप पटेल, भारत कृषक समाज सिहोरा- मझौली तहसील अध्यक्ष रामगोपाल पटेल, प्रदीप पटेल जनपद सदस्य, कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष शमशेर खान (गुल्लू) ग्राम पंचायत कुम्हि सरपंच मोहन मिश्रा, ग्राम पंचायत जुनवानी सरपंच विनय पटेल, युवक कांग्रेस नेता अकरम अंसारी, ओम प्रकाश पटेल, बहादुर पटेल, राजू पटेल, रवि पटेल सहित सैकड़ों किसान 11 बजे के लगभग रेस्ट हाउस में एकत्रित हुए। बिजली कंपनी शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचे, लेकिन बिजली कंपनी के कार्यालय में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी के नहीं रहने से किसानों में आक्रोश भड़क गया। आक्रोशित किसान बिजली कंपनी के कार्यालय के गेट पर ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। करीब डेढ़ घंटे तक किसानों का धरना बिजली कंपनी कार्यालय के गेट पर जारी रहा। 



रात को मिल रही बिजली, जीव जंतुओं का खतरा घरों में भेजे जा रहे हैं अनाप-शनाप बिजली बिल



बिजली कंपनी के गेट पर धरने पर बैठे किसानों ब्रज मोहन पटेल, अमित तिवारी, नितिन उपाध्याय, दीपक जैन, राजकुमार मासाब, अरविंद पटेल, विजय पटेल, बिट्टू खान, गन्नू बर्मन, पापे यादव ने बताया कि किसानों को इस समय बिजली की कोई भी जरूरत नहीं है इसके बावजूद बिजली कंपनी के अधिकारी रात में बिजली दे रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू बिजली के बिल मनमाफिक तरीके से भेजे जा रहे हैं। जब से बिजली कंपनी ने ऑनलाइन बिजली बिलिंग की व्यवस्था की है तब से किसान हलकान है साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता भी किसी भी संबंध में यदि शिकायत की जाती है तो जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान ही नहीं देते।
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