देवउठनी एकादशी पर तुलसी पूजा से प्रसन्न होती हैं मां लक्ष्मी, देती हैं धनधान्य और आर्थिक सपंन्नता का आशीर्वाद


भगवान श्री कृष्ण ने कार्तिक महीने के बारे में बताते हुए कहा था कि पौधों में तुलसी, महीनों में कार्तिक, दिवसों में एकादशी तथा तीर्थों में द्वारिका मेरे हृदय में निवास करते हैं। इसलिए कार्तिक में तुलसी पूजा और खासकर देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन तुलसी पूजा करने से भगवान विष्णु जी की कृपा तो मिलती ही है, साथ ही मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है। वैसे तो कार्तिक के महीने में रोज तुलसी पर दीपक जलाना चाहिए और तुलसी की सेवा करनी चाहिए। लेकिन अगर पूरे महीने तुलसी की सेवा और दीपक नहीं जला सकते, तो एकादशी से पूर्णिमा तक दीपक जलाकर मां तुलसी को प्रसन्न करना चाहिए।
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एकादशी पर तुलसी पूजा के लिए सबसे पहले गन्ने से तुलसी के चारों ओर स्तंभ बनाकर उसे तोरण से सजाना चाहिए तथा स्तंभों पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाना चाहिए। रंगोली से अष्टदल कमल के साथ ही शंख चक्र व गाय का पैर बनाकर सर्वांग पूजा करना चाहिए। दशाक्षरी मंत्र से तुलसी का आवाहन करके धूप, दीप, रोली, सिंदूर, चंदन, नैवेद्य व वस्त्र अर्पित करना चाहिए। तुलसी के चारों और दीप दान करके उनकी विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। ऐसी मान्यता है कि नियम पूर्वक तुलसी की पूजा व दीपदान करने से परिवार के सारे कष्ट दूर होते हैं तथा मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। घर में धन धान्य की वृद्धि होती हैं और आर्थिक संपन्नता बनी रहती है।
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