ग्रहण समाप्ति पर मंदिरों के पट खुले, मंदिरों में हुई पूजा,अर्चना

ग्रहण समाप्ति पर मंदिरों के पट खुले, मंदिरों में हुई पूजा,अर्चना



सिहोरा 

चंद्र ग्रहण के सूतक लगने से दिन भर श्रद्धालुओं ने भोजन नहीं किया। महिलाओं ने घरों में रसोई में खाना सुबह ही बना लिया था। परिवार के सभी सदस्य ने सूतक लगने के पहले ही भोजन कर लिया। ग्रहण काल के दौरान दिन भर लोगों ने मंत्र जाप किया। 
शाम को मोक्ष के बाद आसमान पर चंद्रमा निकलते ही ग्रहण का दान किया गया। ग्रहण पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं ने स्नान कर पूजा अर्चना की।
ग्रहण काल समाप्त होते ही राम जानकी मंदिर गांधीग्राम सहित बंजारी माता मंदिर, बड़ी मढिया, हनुमान मंदिर बुढ़ानसागर में मंदिरों को पानी से साफ किया गया व भगवानों का जलाभिषेक किया गया। 
रामजानकी मंदिर गांधीग्राम में चंद्रग्रहण मोक्ष के बाद खुले पट,हुआ पूजन ,आराधना 


क्षेत्र के प्रसिद्ध राम जानकी मंदिर गांधीग्राम में मंगलवार को चंद्रग्रहण में सुबह से ही मंदिर के पट बंद रहे सूतक काल समाप्ति उपरांत भगवान राम जानकी, श्री कृष्ण,राधा सहित अष्टधातु की मूतियों को मन्दिर समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह बघेल ने  भगवान श्रीकृष्ण की नयनाभिराम मूर्ति को जलाभिषेक किया वा 
मंदिर पुजारी पुनीत तिवारी ने पूजन आराधना कराई। मंदिर परिसर में वाद्य यंत्रों ढोलक,मजीरा, मृदंग,ख़ंजनिया,शंख इत्यादि की मधुर धुन से संपूर्ण मंदिर परिसर गूंज उठा। समिति की ओर से मेवा मिश्रित गुड़ के लड्डू  भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया गया। वही महिलाओं ने दीपदान किया।

ये रहे उपस्थित

मंदिर समिति अध्यक्ष प्रताप सिंह बघेल, पुजारी पुनीत तिवारी, विजय चौरसिया,नत्थूलाल चौरसिया, हरिशंकर तिवारी, पूर्व बीडीसी महेश सेन, पूर्व सरपंच, अजय कोरी, बंटू मिश्रा, बालचंद पटेल, गोविंद शरण दुबे, राम मनोहर तिवारी,चमन असाटी, लंबू ठाकुर सहित जनसमुदाय उपस्थित रहा।
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